अलविदा गौतम दा !
अभी कुछ दिन पहले ही तो उससे मोबाइल पर बात हुई थी। दिल्ली से लौट रहा था, घर पहुँचने से पहले न जाने मन में ख्याल आया कि चलो आज फिर बात कर लूँ। मगर अफसोस कि ऐसा सिर्फ सोचा ही, बात नहीं कर पाया और फिर दो-एक दिन बाद 10 अगस्त को वह भयानक [...]
कथा – व्यथा: सौंग – शामा
मल्लादानपुर व बिचला दानपुर क्षेत्र में बरसात से रड़ने-बगने की दिक्कतों के साथ ही तमाम सड़कें बाधित हैं। क्षेत्रवासी स्वास्थ्य चिकित्सा, बिजली, पानी आदि की समस्याओं से त्रस्त हैं लेकिन यहाँ की सुध लेने वाला कोई नहीं है। स्थानीय मीडिया भी इन दूरस्थ व पिछड़े इलाकों की सुध नहीं लेता। रिखाड़ी, हड़कोट, धुरकोट, मुनार, सूपी, [...]
रियासत मुक्ति आन्दोलन से राज्य आन्दोलन तक का सफर
12 अगस्त की शाम धर्मानन्द उनियाल ‘पथिक’ हमें छोड़ कर चले गये….. …..जब कभी मैं अपने उन भूले-बिसरे दिनों के बारे में सोचता हूँ तो मेरे सम्मुख कई चेहरे फिल्म की रील की तरह तैर जाते हैं। स्वामी मनमथन, सरदार प्रेम सिंह, अवतार सिंह पँवार, सत्य प्रकाश रतूड़ी के साथ ही धर्मानन्द उनियाल ‘पथिक’ का [...]
ए गमे दिल क्या करूँ
स्मृतिशेष ‘‘ए गमे दिल क्या करूँ, वहशते दिल क्या करूँ’’ जो इस गीत को फिल्मी गाने के रूप में जानते हैं उनके लिए देवरानी जी की याद में इन पक्तियों का इस्तेमाल शायद ओछा लगे। पर मज़ाज़ की इन पंक्तियों को जिन्होंने पीताम्बर देवरानी जी के मुँह से सुना होगा, वे शायद जानते होंगे कि [...]
बागेश्वरवालो: बहुत बढ़िया मौका चूक गये रे तुम !
बागेश्वर जब तक अल्मोड़ा जिले का हिस्सा था उसके पास काफी कुछ था अपना कहने को। ऐसा कुछ जिससे हम गौरवान्वित महसूस करते हैं। कई नामी साहित्यकार, सेना के जनरल, खिलाड़ी, फिल्मकार, नामी राजनीतिज्ञ, राज्यपाल, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, ऐतिहासिक महत्व की जेल……. जिसके लिए बागेश्वर वाले कह सकते थे कि ये तो अपने ही जिले [...]
दमन का दुष्चक्र और मणिपुर की मौन त्रासदी
प्रस्तुति : शोमा चौधरी 23 जुलाई 2009, मणिपुर की राजधानी इंफाल, बीटी रोड के एक व्यस्त बाजार में दिन रोज की तरह ही शुरू हो रहा था। असम राइफल्स में राइडर (डाक और सामान इधर-उधर पहुंचाने वाले) पी. लुखोई सिंह ने अभी-अभी सीआइडी के एसपी तक एक पैकेट पहुँचाया था और अब वो सड़क के [...]
आशल कुशल अगस्त-सितंबर 2009
मुख्य मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री, योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया के साथ भेंट कर पूर्वोत्तर राज्यों की भांति उत्तराखंड के लिए भी विशेष पैकेज की मांग की। राज्य के लिए इस साल की 5574.70 करोड़ रु. की योजना को मंजूरी दी गई। नदियों में वांछित जल स्तर न होने [...]
क्या ऐसे दुग्ध क्रांति होगी ?
उत्तराखण्ड में महिला डेरी परियोजना के तहत 785 महिला डेरी दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों ने 80 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन करते हुए प्रतिदिन 22 हजार लीटर दुग्ध उपार्जन करने के साथ ही अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन किया। परियोजना में महिला कर्मचारियों का संख्या बल अच्छा खासा है। लेकिन इन कर्मचारियों की [...]
जनता की सक्रियता रंग ला रही है
बिनसर अभयारण्य बिनसर वन्य जीव विहार प्रभावित गाँवों की एकजुटता के परिणाम दिखने लगे हैं। अब ग्रामीणों की माँगों पर कार्यवाही होती दिख रही है। समय-समय पर बैठकें करने से उनमें समझ और अपने अधिकारों-कर्तव्यों के प्रति सजगता बढ़ रही है। 21 जुलाई 2009 को अयारपानी स्थित बिनसर अभयारण्य के राजि कार्यालय में उत्तराखंड संसाधन [...]
वे उत्तराखंड में मिलना चाहते हैं
पौड़ी जनपद में कोटद्वार की दक्षिणी सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर की तहसील नगीना, नजीबाबाद, अफजलगढ़ क्षेत्र के 100 से अधिक गाँव उत्तराखण्ड में शामिल होने के लिए पिछले तीन-चार महीनों से आंदोलित हैं। यहाँ के लोगों ने सीमावर्ती संघर्ष समिति का गठन कर 14 जून 2009 को हुंकार रैली का आयोजन [...]
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