स्वस्ती श्री: छात्र संघ भवन यानि जुआरियों का अड्डा….
कुमाऊँ वि.वि. नैनीताल का डी.एस.बी. परिसर जुआरियों का गढ़ बनता जा रहा है। कुछ छात्र और कर्मचारी अध्ययन-अध्यापन की जगह जुआ खेलने में संलग्न हैं। सुबह ग्यारह बजे से जहाँ छात्र संघ भवन छात्र-जुआरियों का अड्डा बनता है, वहीं शाम चार बजते ही वि.वि. के तमाम कर्मचारी पुस्तकालय के बगल में ताश के पत्तों में [...]
स्वस्ती श्री: सपनों का उत्तराखंड और शौचालय
गरुड़ बाजार में शौचालय की व्यवस्था की जाये कौसानी गरुड़ मार्ग में वन संरक्षण अधिनियम की अनदेखी कर अनगिनत चीड़ के पेड़ ठेकेदार द्वारा काटे जा रहे हैं, जो ठीक नही है। सरकार एक तरफ लोगों र्को इंधन के लिये भी पेड़ काटने को मना करती है वहीं दूसरी तरफ खुद पेड़ को काटने को [...]
स्वस्ती श्री :मनू महारानी की ज्यादतियाँ……
मैं विगत डेढ़ वर्ष से होटल द मनू महारानी, जो डी.एस.ग्रुप का एक मुख्य हिस्सा है, में हाउसकीपिंग डिपार्टमेंट में प्रशिक्षण ले रहा था। दो माह पूर्व मेरे एक सहयोगी कर्मचारी से होटल उपमहाप्रबंधक प्रमोद बिष्ट द्वारा अकारण इस्तीफा मांग लिया गया। वह एक स्थायी कर्मचारी था और उसे हटाने से पूर्व उपयुक्त कारण बताया [...]
स्वस्ती श्री : नैनीताल नगर की समस्यायें
नैनीताल नगर की निम्नांकित ज्वलन्त समस्याओं एवं उसके निस्तारण के संबध में आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ – तल्लीताल बस स्टैंड से 200 मीटर आगे पिछाड़ी बाजार में एक बहुत गहरा गड्ढा है। उसके ऊपर तत्काल सीमेंट का समतल ढक्कन लगाया जाये। लोअर मालरोड में आर्मी हॉली डे होम के प्रवेश द्वार पर सड़क [...]
स्वस्ती श्री: बड़े भाई निशंक जी, दिल दुखने का अर्थ तो समझते ही होंगे….!!
परम श्रद्धेय निशंक जी, आपके मुख्यमंत्री बनने के बाद से मन बहुत दुःखी है। कारण यह कि जिन समस्याओं को लेकर हम बाकी मुख्यमंत्रियों की खिंचाई कर लेते थे, वह अब करना संभव नहीं है। एक तो बड़े भाई, ऊपर से कवि, साहित्यकार, रचनाकार, पत्रकार भी……। जो भी अंधेरगर्दी उत्तराखण्ड में हो रही है, उसके [...]
स्वस्ती श्री : शैलेश मटियानी जी को जानना आवश्यक…..
करीब सात-आठ साल पहले, मटियानी जी की मृत्यु के बाद साहित्य अकादेमी ने मटियानी जी के संपूर्ण साहित्य का मोनोग्राफ तैयार करने का मुझे काम सौंपा। उनकी मौत से मैं तीन-चार साल तक उबर नहीं पाया था, इसलिए कुछ भी लिख नहीं पाया। बड़े प्रयत्नों के बाद जब उसका आरंभिक हिस्सा ‘कथादेश’ में छपा तो [...]
स्वस्ती श्री: परिसीमन, वन्य जीवन और अवैध शराब
क्या परिसीमन करवायेगा एक और राज्य आन्दोलन? उत्तराखण्ड राज्य बने दस वर्ष हो चुके हैं। लेकिन आज भी कुछ प्रश्न उठ रहे है। आखिर राज्य की मांग क्यों की गई ? राज्य बनने के पश्चात सामाजिक, राजनैतिक व आर्थिक लाभ किसे हुआ। क्या फिर पहाड़वासियों का शोषण होता रहेगा ? या एक नये उत्तराखण्ड आन्दोलन [...]
स्वस्ती-श्री : शिक्षा प्रेरकों को नहीं मिला वेतन मानदेय
वर्तमान में बेरोजगारों के साथ जो छलावा हो रहा है, उसका प्रत्यक्ष प्रमाण है ‘शिक्षा प्रेरक’। शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2010 एवं सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत ‘साक्षर भारत मिशन-2010’ के कार्यक्रम के अन्तर्गत माह जून 2010 से प्रत्येक ग्राम पंचायत के दो शिक्षित युवक-युवतियों को शिक्षा प्रेरक एवं सह प्रेरक के रूप में सरकार द्वारा [...]
स्वस्ती – श्री : सड़क निर्माण पहाड़ की तलहटी से ही किया जाये।
ग्राम उत्तरौड़ा (पो. कपकोट) के बीचोंबीच राजमार्ग का निर्माण न होकर पहाड़ की तलहटी (जहाँ पी.डब्ल्यू.डी. की पुरानी पैदल सड़क थी) से ही निर्माण किये जाने सम्बन्धित प्रार्थनायें बार-बार शासन, प्रशासन एवं सरकार से कर चुके हैं। सच्चाई इस बात की है कि बीच से राजमार्ग के जबरन निर्माण से अधोलिखित नुकसान, बरबादी एवं विनाश [...]

आपकी टिप्पणीयाँ