नानतिन बाड़ी
(‘नैनीताल समाचार’ विगत 20 वर्षों से निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों से जुड़ा रहा है। इन वर्षों में हम बच्चों की रचनाधर्मिता के कायल हुए और उसे ‘चिणुक’ के माध्यम से पाठकों के सम्मुख लाने की एक कोशिश शुरू कर रहे हैं। बच्चों यह कॉलम आप ही का है और हमें उम्मीद हैं कि आप अपनी रचनायें भेजते रहेंगे और इसे आगे बढ़ायेंगे। – सम्पादक)
मुझे सबसे खराब लगता है जब मेरे पापा शराब पीकर आते हैं और अच्छे खासे माहौल को बिगाड़ के रख देते हैं। वह मेरी पढ़ाई को लेकर बहुत लापरवाह हो जाते हैं। मुझे उस समय अच्छा तो लगता है लेकिन मन ही मन दुःख भी होता है। शराब मुझे सबसे खराब चीज लगती है क्योंकि इससे पैसों की बर्बादी होती है और पीने वाले को यह कहीं का नहीं छोड़ती है। यह सिर्फ मेरे पापा की बात ही नहीं है बल्कि सभी शराब पीने वाले नशीली चीजों का सेवन करने वाले लोगों के लिये संदेश है।
जिन्दगी मिली है जीने के लिये
मत करो बर्बाद पीने के लिये
और एक बात शराब का व्यापार करने वालों को रोकना होगा। सरकार को कदम बढ़ाने होंगे और इन्हें उनके पाप की सजा मिलनी चाहिये और उन्हें बताना होगा कि
जिन्दगी से नाता जोड़ो
शराब को हमेशा के लिये छोड़ो
और हमें भी प्रयास करना होगा और इस शराब नाम की चीज का नामोनिशान मिटाना होगा।
हमें ही कदम बढ़ाना होगा। इस शराब को मिटाना होगा।
गौरवान्वित मेहरा
कक्षा 6, लौंग व्यू पब्लिक स्कूल नैनीताल