(‘नैनीताल समाचार’ विगत 20 वर्षों से निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों से जुड़ा रहा है। इन वर्षों में हम बच्चों की रचनाधर्मिता के कायल हुए और उसे ‘चिणुक’ के माध्यम से पाठकों के सम्मुख लाने की एक कोशिश शुरू कर रहे हैं। बच्चों यह कॉलम आप ही का है और हमें उम्मीद हैं कि आप अपनी रचनायें भेजते रहेंगे और इसे आगे बढ़ायेंगे। – सम्पादक)
क्या अजीब सा रिश्ता बनाया
क्या अजीब सा रिश्ता बनाया
‘बेटा-बेटी’ में फर्क बनाया।।
जब हुआ पैदा बेटा उसे
राजा का वीर बनाया।।
जब हुई बेटी पैदा
उसे दुःख दर्द का सार बनाया।।
बेटे ने की हो गलती पर
न मिलती कभी उसे सजा डन्डी की।।
बेटी ने की हो जरा सी गलती
उसे मिले डण्डी की बरसी।।
माता-पिता की आंखों का तारा है बेटा
माता-पिता के सिर का बोझ है बेटी।।
दुःख लेकर पैदा होती है बेटी
आंसू लेकर विदा होती है बेटी।।
दीपा डंगवाल, कक्षा 11 ब, एडम्स गर्ल्स इंटर कॉलेज, अल्मोड़ा