नैनीताल का सांस्कृतिक परिदृश्य
गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगौर की 150वीं जयन्ती के अवसर पर ‘मोहन उप्रेती लोक संस्कृति कला एवं विज्ञान शोध समिति’ के तत्वावधान में उत्तराखण्ड के चित्रकारों के चित्रों की तीन दिवसीय प्रदर्शनी नगरपालिका परिषद के मालरोड स्थित नर्सरी स्कूल नैनीताल में लगाई गई। प्रदर्शनी का उद्घाटन उप पुलिस महानिरीक्षक दीपक ज्योति घिल्डियाल द्वारा किया गया। प्रदर्शनी में कुल 12 चित्रकारों की 60 कृतियाँ प्रदर्शित की गईं। पद्मश्री यशोधर मठपाल ने जल रंगों से बनी कृतियों में उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया। वरिष्ठ चित्रकार मो. सलीम के वाटर व एक्रिलिक चित्रों में अल्मोड़ा की पुरानी बाजार के चित्र आकर्षण का केन्द्र रहे। शबनम मेहरा के एक्रिलिक माध्यम में बने प्रकृति चित्र भी सराहे गये। डॉ. शेखर जोशी के नाखून से बने चित्र, प्रभात जोशी के पहाड़ों की स्थिति को दर्शाते चित्र, भूषण साहू की कृति में कंक्रीट के जंगल, राजेन्द्र प्रसाद के जल रंगों से बने चित्रों ने कलाप्रेमियों व पर्यटकों की प्रशंसा बटोरी। प्रदर्शनी में उत्तराखण्ड के सात चित्रकारों, यशोधर मठपाल, मो. सलीम, शबनम मेहरा, इफ्तिखार खान (मरणोपरान्त), प्रो. शेखर जोशी, डॉ. भूषण शाहू व डॉ. गिरीश चन्द्र शर्मा को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रकाशित टैगौर की स्मृति में एक स्मारिका का विमोचन डॉ. गिरीश चन्द्र शर्मा व संस्था के अध्यक्ष हेमन्त जोशी द्वारा किया गया। स्मारिका में गुरुदेव के बहुआयामी व्यक्तित्व को बखूबी समेटा गया है तथा ‘जन गण मन’ गीत को पूरा प्रकाशित किया गया है। प्रदर्शनी उत्तर मध्य क्षेत्र संस्कृति केंद्र, इलाहाबाद के सहयोग से आयोजित की गई थी।
रंगमंचीय गतिविधियों में ‘मंच दि एक्सपेरिमेन्टल थियेटर ग्रुप’ द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से 6 से 20 जून तक ‘बी. एम. शाह पार्क ओपन थियेटर’ में ‘ग्रीष्म नाट्य महोत्सव’ का आयोजन किया गया। 15 दिनों तक हर रोज सायं सात बजे से 9 बजे तक ‘खडि़या का घेरा’ व ‘अंधायुग’ नाटक की प्रस्तुतियों के अलावा मशहूर अफसानानिगार सआदत हसन मंटो के 6 रेडियो नाटक, 10 एकल प्रदर्शन व ‘सियाह हाशिये’ किये गये। खुले मंच की प्रस्तुतियों में कलाकारों ने कभी लोगों को हँसाया तो कभी सोचने को बाध्य किया। हाँ, ‘अंधा युग’ नाटक को समसामयिक बनाने के चक्कर में निदेशक इदरीश मलिक चूक कर गये, जिससे नाटक दो-एक दिन तो समझ में ही नहीं आया। 20 जून को समापन के अवसर पर मंडलायुक्त हेमलता ढौंडियाल तथा जिलाधिकारी निधिमणि त्रिपाठी ने कलाकारों को प्रतीक चिन्ह व प्रमाणपत्र प्रदान किये। 7 जुलाई को शैले हाॅल में बाल नाट्य शिविर की प्रस्तुति ‘ढोल की पोल’ में बाल कलाकारों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, दिल्ली के सहयोग से सुनीता जुयाल के निर्देशन में इस शिविर का आयोजन युगमंच व शारदा संघ द्वारा किया गया था।
‘बी.एम. शाह पार्क ओपन एयर थियेटर’ में आर्य समाज द्वारा प्रदेश के राज्यपाल के हाथों वृक्षारोपण करवा दिये जाने पर नगर के संस्कृतिकर्मी नाराज हैं। उन्होंने अध्यक्ष नगर पालका परिषद, नैनीताल को एक ज्ञापन देकर वहाँ लगाये गये वृक्षों को अन्यत्र स्थानान्तरित करने की माँग की है। संस्कृतिकर्मियों का कहना है पार्क में पेड़ लग जाने से वहाँ पर मंचीय गतिविधियाँ असम्भव हो जायेंगी।