मेरा गाँव, मेरे लोग – 28
बाढ़ और बरसात गर्मियों में तो अपने गाँव के पहाड़ से उछलते-कूदते, उतर कर नीचे आ जाता और गौला पार करके पहाड़ की चढ़ाई चढ़ने लगता। लेकिन, चैमास में द्यो-पानी का डर रहता। न जाने कब बादल घिर आएँ और कब झमाझम बरसने लगे। इसलिए चैमास के महीनों में छुट्टी में घर आता तो लौटते [...]
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