घामतपवे भाबर से साइबर युग में फटक मारता हल्द्वानी . 14
यह सच है कि औद्योगिक विकास से इस क्षेत्र की बेरोजगारी हल हो सकती है, लोगों का जीवन स्तर सुधरा जा सकता है, लेकिन अब तक यहाँ स्थापित हुए उद्योगों के हश्र से जाहिर होता है कि भारी उद्योगों के लिए भाबर अनुपयुक्त है। सबसे बड़ा उद्योग सेंचुरी पल्प एण्ड पेपर मिल, लालकुआ जन्मकाल से [...]
अंग्रेजी नाटक का पहला मंचन
मनीस पांडेय मंच संस्था के माध्यम से शेक्सपीयर द्वारा लिखित नाटक ‘एज यू लाइक इट’ का मंचन युवा रंगकर्मी संजय कुमार के निर्देशन में होटल ए वन स्टूडियो थियेटर मल्लीताल में 12-13 मई 2012 को किया गया। महत्वपूर्ण बात यह है कि नैनीताल में यह पहला ही मौका था जब किसी अंग्रेजी नाटक को नगर [...]
खाने-कमाने के लिये रद्द किया तबादला कानून
सीताराम बहुगुणा बहुगुणा सरकार ने भाजपा की पिछली सरकार द्वारा बनाए गये स्थानान्तरण कानून को स्थगित कर अब नयी नीति के तहत तबादले करने का फैसला किया है। तर्क दिया गया है कि खंडूरी सरकार ने यह कानून चुनावी फायदा लेने के लिए बनाया था, इसलिए इसे लागू नहीं किया जायेगा। कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह [...]
वे भुला दिये गये हैं
बरसात सिर पर है, लेकिन अभी सितम्बर 2010 की अतिवृष्टि में बर्बाद हुए लोग ही अपने पाँवों पर खड़े नहीं हो पाये हैं। सरकार उन्हें कोरे आश्वासन देकर टरका रही है। कुछ लोग तो भुखमरी की कगार पर हैं। अल्मोड़ा जिले के भैंसियाछाना ब्लॉक के सल्ला गाँव निवासी नन्दन सिंह ठठोला व ताकुला ब्लॉक के [...]
इस बार: डॉ. नवीन जुयाल पुरुस्कृत
फिजिकल रिसर्च लैबोरेटरी, अहमदाबाद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नवीन जुयाल को भारत सरकार ने भूगर्भ विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यो के लिए वर्ष 2012 का सर्वोच्च वैज्ञानिक पुरस्कार ‘नेशनल जियो साइंस अवार्ड’ दिया है। 1981 में हेमवतीनंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय से स्नाकोत्तर पढ़ाई करने के बाद डॉ. जुयाल ने फिजिकल रिसर्च लैबरोटरी से अर्थ साइंस [...]
शराब इधर शराब उधर
बागेश्वर में इस बार शराब की दुकान के खिलाफ आंदोलन का काफी शोर रहा। लेकिन हल कुछ भी नहीं निकला। नगर से शराब व बार की दुकानों को पाँच किमी दूर करने की माँग पर इस बार कमान राहुल गांधी की बिग्रेड एनएसआईयू ने संभाल ली। कई सालों से आंदोलन कर रहे दूसरे गुट को [...]
निर्मल पंडित को क्यों भूले ?
16 मई 1998 को उत्तराखंड के एक होनहार युवक ने ‘नशामुक्त उत्तराखंड’ के लिए अपने प्राण उत्सर्ग कर दिये। उम्मीदों व संभावनाओं से भरा यह युवा नेतृत्वकारी था निर्मल कुमार जोशी उर्फ निर्मल पंडित। जनता के सवालों को लेकर हमेशा आगे रहने की आदत के चलते वह हर वर्ग में लोकप्रिय था। अपने सवालों के [...]
आशल-कुशल
गर्मी के चरम पर पहुँचते ही बिजली, पानी और रसोई गैस की किल्लत से तंग लोगों ने अधिकांश इलाकों में प्रदर्शनों और जाम लगा कर अपने गुस्से का प्रदर्शन किया। अधिकांश जिलों में जंगल की आग विकराल रूप लेने लगी है। डॉ. अजीज कुरैशी ने उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ले ली [...]
‘अब जनता बनायेगी बिजली’
उत्तराखंड के आन्दोलनकारी संगठनों ने स्थानीय स्तर पर सामुदायिक रूप से बिजली बनाने का सुझाव दिया है। उत्तराखंड लोक वाहिनी, उत्तराखंड महिला मंच और चेतना आन्दोलन ने उत्तराखंड की जनता का आह्वान किया है कि वह बाहर की बड़ी कम्पनियों और प्रदेश के भीतर के पूँजीपतियों को अपने इलाके में न घुसने दे। पहाड़ में [...]
उन दिनों वे नाचते-गाते किताबें बेचते थे
चन्द्रशेखर पाण्डे वर्ष 1964 या 65 होगा। सितम्बर का महीना। हल्की-हल्की बूँदाबाँदी थी और अल्मोड़ा में नन्दादेवी का मेला चल रहा था। मैं कारखाना बाजार स्थित अपनी मिठाई की दुकान में व्यस्त। एक 30-31 साल के युवक ने मेरा ध्यान खींच लिया। लम्बा छरहरा बदन, रंग गोरा। लम्बा सा रंग बिरंगा झगुला, गले में सूत, [...]
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