घामतपवे भाबर से साइबर युग में फटक मारता हल्द्वानी . 15
प्रारम्भ में नारायण दत्त तिवारी सामाजिक अध्ययन के लिए योरोप रह चुके हरिकृपाल शर्मा को पीपुल्स कालेज का प्रधानाचार्य बना कर लाए। उनकी देखरेख में यूथ लीडर एसोसिएशन का गठन हुआ और सुधीर विनायक के सम्पादन में ‘यूथ टाइम्स’ नामक एक समाचार पत्र निकला। सुधीर विनायक ने बाद में आत्महत्या कर ली। युवाओं में जागरूकता [...]
शेरदा ‘अनपढ़ ’: सहज लोक अभिव्यक्तियों के बडे़ कवि
सन् 1971 में जब मैंने हाईस्कूल पास किया तब अंग्रेजी पाठ्य पुस्तक में सरोजनी नायडू की एक कविता थी- ‘वीवर्स’ यानि बुनकर। कवियित्री बुनकरों से पूछती है- यह प्यारा-सा कपड़ा किसके लिए बुन रहे हो? जवाब आता है- एक नन्हा-मुन्ना शिशु इस संसार में आया है, उसके लिए। तीन छन्दों की इस कविता में इसी [...]
दिनोंदिन खतरनाक हो रही है चारधाम यात्रा
चार धाम आने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। श्री बदरीनाथ में पाँच साल में यह संख्या पाँच लाख से बढ़ कर 2011 में 17 लाख पहुँच गई। इस साल इसके 20 लाख से ऊपर पहुँचने की सम्भावना है। सिर्फ बदरीनाथ में ही नहीं, चारों धामों में इसी तरह यात्रियों [...]
अंधड़ भी, प्यास भी
पिथौरागढ़ प्यासा है। शहर को घाट, भैंलोत, ठुलीगाड़, रई से पेयजल आपूर्ति होती है। वर्तमान में पिथौरागढ़ को 11.5 एम.एल.डी. रोजाना की जरूरत की तुलना में 3.5 एम.एल.डी. ही पानी मिल पा रहा है। पिछले वर्ष 4 घाट में, 2 मटेला में व 2 गुरना में, कुल 8 नये पंप लगाये गये। एक पंप की [...]
किरन मंडल को याद रखेगा बंगाली समुदाय
अजय कुमार मलिक ‘तड़प’ बंगाली विस्थापितों द्वारा भूमिधरी, अनुसूचित जाति और नागरिकता के अधिकार को लेकर में साठ साल से आन्दोलन चल रहे हैं। इन लोगों को 1952 से 58 के बीच उपलब्धता के आधार पर 2 से 8 एकड़ तक भूमि आबंटित की गई थी। वर्ष 1971 में भारत-पाक युद्ध के बाद पूर्वी पाकिस्तान [...]
कुनल्ता स्कूल: पहाड़ की शिक्षा का आईना
उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराने से सरकारी स्कूल उजड़ रहे हैं। गाँवों के समर्थ अभिभावक बच्चों को पढ़ाने के लिये नगरों को पलायन कर गये हैं, मगर गरीब बच्चे और कोई विकल्प न होने की मजबूरी में दाल-भात खाने अवश्य स्कूलों में हाजिरी लगा रहे हैं। बदहाल स्कूलों में बच्चों के बैठने के [...]
बहुत याद आते हैं रमेश दा
बृजमोहन जोशी अल्मोडा़ में पोस्टमास्टर मोतीराम जोशी व पार्वती जोशी के घर रमेश चन्द्र का जन्म 25 जून 1941 को सेलाखोला में हुआ। नैनीताल व अल्मोड़ा में प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त करने और यू.पी. बोर्ड से हाईस्कूल और इण्टमीडिएट करने के बाद आपने प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद से ’संगीत प्रभाकर’ किया। आकाशवाणी तक उन्हें ले जाने [...]
कब बनेगा हॉस्टल ?
गोविन्द चावला बेरीनाग राजकीय स्नाकोत्तर महाविद्यालय में अनुसूचित जाति- जनजाति की बालिकाओं के लिये निर्माण निगम उत्तर प्रदेश द्वारा एक करोड़ की लागत से निर्मित 50 बालिकाओ का छात्रावास भवन लगभग तैयार है। लेकिन बिजली-पानी का कनेक्शन और खिड़कियों के शीशे न लगने तथा बाहर आँगन इत्यादि का कार्य बचे होने से यह छात्रावास अभी [...]
गंगा में पाप धोने जैसा पाखण्ड है वृक्षारोपण
पर्यावरण की उलटबांसियाँ – 1 विनोद अरविन्द यह विडंबना है कि पर्यावरण को जिस तरह समझा जाना चाहिये, नहीं समझा जा रहा है। जिस तरह लिखा जाना चाहिये नहीं लिखा जा रहा है। कहीं पर पर्यावरण व्यापार है तो कहीं पर जन सामान्य को डराने का औजार। जैसी चर्चा पर्यावरण को लेकर होनी चाहिये, नहीं [...]
आशल-कुशल : 15 जून से 30 जून 2012
गर्मी ने इस साल पहाड़ों में भी सभी कीर्तिमान ध्वस्त कर दिये हैं। पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से पहाड़ अँटा पड़ा है। छोटे-छोटे कस्बे भी घंटों जाम से जूझते रहते हैं। जगह-जगह पेयजल का संकट पैदा हो रहा है और लगभग सर्वत्र जंगल भी जल रहे हैं। विधानसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया गया [...]
आपकी टिप्पणीयाँ