अभी असमंजस में है उत्तराखण्ड क्रांति दल
प्रवीन कुमार भट्ट चुनाव के मद्देनजर उत्तराखंड में उत्तराखंड क्रांति दल के नेतृत्व में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भाकपा (माले), उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी और उत्तराखंड जनवादी पार्टी का मोर्चा अस्तित्व में आ गया है। कम्युनिस्ट पार्टियों और छोटे दलों के लिए यह चुनाव अपने एजेंडे को जनता तक पहुँचाने का माध्यम भर है, [...]
कहाँ गया धूमाकोट को आदर्श बनाने का वादा
गणेश रावत सितंबर 2007 में धूमाकोट से विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने उपचुनाव से पहले किए अपने वादे को जिस तरह दोहराया, उसकी याद क्षेत्र के लोगों के जेहन में अब तक ताजा है। यह याद अब अक्सर दर्द बनकर टीसती है। तब मुख्यमंत्री को अपना विधायक चुनकर यहाँ के लोगों की [...]
रामप्रसाद घिल्डियाल ‘पहाड़ी’ को याद किया
सुप्रसिद्ध कथाकार रमाप्रसाद घिल्डियाल ‘पहाड़ी’ की जन्म शताब्दी 30 अक्टूबर 2011 को देहरादून के गुरु नानक वेडिंग प्वांइंट में मनाई गई। शताब्दी समारोह में राजेन्द्र धस्माना, विद्यासागर नौटियाल, राधाकृष्ण कुकरेती, मोहन लाल बाबुलकर आदि अनेक वरिष्ठ साहित्यकारों के अतिरिक्त पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ भी शामिल हुए। इस अवसर पर ‘लोकगंगा’ मासिक के पहाड़ी जी [...]
कब तक पिटेंगे पत्रकार ?
विजेन्द्र लुण्ठी मदकोट में दैनिक जागरण के पत्रकार पवन बत्रा के खिलाफ मारपीट व अपहरण करने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ एक माह बीत जाने के बाद अभी कोई कार्यवाही भी नहीं हुई है, इसी बीच डीडीहाट में अमर उजाला के संवाददाता संजय पंत पर भी एक रात में जानलेवा हमला हो [...]
सर्दियों से इस तरह जूझें…
आनन्द अग्रवाल 25 साल पहले सरकार ने रसोई गैस का पाठ पढ़ाकर पहाड़ की जनता को चूल्हों के धुएँ से निजात दिलाई थी। उस समय गैस सुविधाजनक होने के साथ-साथ किफायती भी थी। अब सरकार ने गैस की दरें ऊँची करने के साथ वर्ष भर में चार से अधिक सिलेंडर उपभोक्त को न देने का [...]
अच्छे प्रशासन का इनाम: 11 साल 21 ट्रांस्फर
हरीश चन्द्र इन दिनों उत्तराखंड में भ्रष्टाचार खत्म करने की भारी भरकम बातें की जा रही हैं, लेकिन प्रदेश में माफिया तंत्र किस कदर हावी है इसका अंदाजा माफियाओं पर सख्ती से रोक लगाने वाले जे. सी. कांडपाल के त्वरित स्थानान्तरणों को देख लगाया जा सकता है। इस प्रशासनिक अधिकारी को 11 वर्ष की नौकरी [...]
संस्कृति संरक्षण के सामने प्रश्नचिन्ह है मोलूदास की मौत
लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार की गंभीरता का अंदाजा ढोलवादक मोलूदास की असमय मौत से लगाया जा सकता है। अपने चहेतों को यूँ ही लाखों रुपए दे देने वाली सरकार को उनके इलाज की सुध भी नहीं आई। मोलूदास को लकवा पड़ने के बाद श्रीनगर के बेस अस्पताल में भर्ती करवाया गया। [...]
दर्शकों तक कैसे पहुँचें ?
नैनीताल फिल्म फेस्टिवल के तीसरे संस्करण के बाद यह उम्मीद की जानी चाहिये कि नैनीताल स्थायी रूप से वैकल्पिक फिल्मों के प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण केन्द्र बन कर उभरेगा और समानान्तर सिनेमा के सभी महत्वपूर्ण व्यक्ति यहाँ के फिल्म समारोह में शामिल होकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस करेंगे। यह आसान काम नहीं है। समारोह [...]
कई यादगार फिल्में देखीं इस बार
‘युगमंच’ और ‘जन संस्कृति मंच’ द्वारा नैनीताल में 30 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक ‘प्रतिरोध का सिनेमा 3’ का आयोजन किया गया। इस बार का फिल्म महोत्सव फिल्म निर्देशक मणि कौल, नाट्यकर्मी गुरुशरण सिंह तथा कवि कुबेरदत्त की याद में था। फिल्मोत्सव का उद्घाटन करते हुए कवि मंगलेश डबराल ने कहा कि भूमंडलीकरण के दौर [...]
महिलायें ही शराब बनाने लगीं तो कौन बचायेगा पहाड़ को ?
शंकर सिंह राणा पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में महिलाओं ने एकजुट होकर शराब के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। मगर चमोली जिले के दशोली ब्लॉक में महिलाओं का शराब के धंधे में लिप्त पाया जाना हैरान करने वाला है। यहाँ महिलायें इस अवैध कारोबार से जुड़ी हैं। आबकारी विभाग के अनुसार चालू वर्ष में अब [...]
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