उर्गम घाटी के रा.इ.का. में ‘जनदेश’ द्वारा दो दिवसीय गौरा देवी पर्यावरण एवं प्रकृति पर्यटन विकास मेले का आयोजन किया गया। मेले में प्रमुख रूप से योजना आयोग के सदस्य सच्चिदानन्द भारती, गृह मंत्रालय भारत सरकार के अवर सचिव के.एल. शर्मा एवं ‘सीड’ संस्था के निदेशक मोहन काण्डपाल के साथ क्षेत्रीय प्रधानों ने भाग लिया। इस अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर उर्गम के छात्र-छात्राओं द्वारा चिपको आन्दोलन एवं गौरा देवी के जीवन पर आधारित झाँकी प्रस्तुत की गयी। एक स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
इस अवसर पर बोलते हुए सच्चिदानन्द भारती ने पर्यटन विकास के साथ सांस्कृतिक धार्मिक स्थलों के विकास की वकालत की। गौरा देवी पर्यावरण एवं प्रकृति पर्यटन विकास मेले को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने उर्गम घाटी की सुन्दरता को विश्व के मानचित्र पर लाने पर जोर दिया। के.एल. शर्मा ने इस क्षेत्र को पर्यटन, तीर्थाटन तथा जैव विविधता के लिये महत्वपूर्ण बताते हुए कहा इसके विकास के लिये ठोस कार्ययोजना बनायी जायेगी। मोहन काण्डपाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण संस्कारों से ही पैदा होंगे। हर किशोरी को प्रति वर्ष एक फलदार वृक्ष लगाना चाहिये। इस मौके पर हिमालय नीति, जैव विविधता संरक्षण, वनों के संरक्षण की नीति, परम्परागत बीज संरक्षण तथा वर्तमान समय में बांधों से प्रभवित जल, जंगल, जमीन के सवालों पर भी व्यापक चर्चा की गयी। चर्चा में चिपको नेत्री बाली देवी, जिला पंचायत अध्यक्ष विजया रावत, जोशीमठ की क्षेत्र पंचायत प्रमुख सुचिता चौहान और नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क जोशीमठ के उप प्रभागीय वनाधिकारी इन्द्र सिंह नेगी ने भी प्रतिभाग किया। इस अवसर पर ‘बधाणी कला मंच’ के कलाकारों द्वारा शिव वन्दना, पाण्डव नृत्य, भैरव नृत्य आदि प्रस्तुतियाँ दी गयीं। उदीयमान कवियों द्वारा भ्रष्टाचार, बालिका शिक्षा, भ्रूण हत्या, पर्यावरण संरक्षण आदि विषयों पर स्वरचित कविताओं का पाठ किया गया।
मेले में नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क, आँगनवाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य विभाग, हिमपस पाखी तथा जनदेश द्वारा लोक संस्कृति एवं बाल साहित्य पर प्रदर्शनी लगायी गयी और महिला मंगल दल द्वारा लोक गीत एवं लोक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वॉलीबाल प्रतियोगिता भी सम्पन्न हुई। ‘जनदेश’ संस्था के उत्कृष्ट कार्यकर्ता सेवा सम्मान वर्ष 2010 का राजेन्द्र सिंह रावत को दिया गया। मुख्य अतिथि सचिदानन्द भारती को ‘पानी वाला बाबा’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।
























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