भाकपा माले के सर्वेक्षण दल ने धारचूला तहसील के ग्राम खेला के चैतलकोट आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। अध्ययन दल में भाकपा माले जिला कमेटी सदस्य जगत मर्तोलिया, धारचूला जनसंघर्ष समिति के संयोजक केशर सिंह धामी, उत्तराखण्ड पोर्टर्स यूनियन के सहसंयोजक तथा बुँगबुँग के ग्राम प्रधान कुन्दन भण्डारी एवं भाकपा माले के दरबान भण्डारी शामिल थे। क्षेत्र के व्यापक सर्वेक्षण एवं क्षेत्रीय जनता से बातचीत के आधार पर अध्ययन दल ने स्थिति निम्न प्रकार पाई-
1. चैतलकोट में भीषण प्राकृतिक आपदा आ जाने के कारण चैतलकोट के 12 परिवारों ने चैतलकोट को छोड़कर रपली गाँव में अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण ली है।
2. इन परिवारों की खाद्य सामग्री व अन्य आवश्यक वस्तुएँ अपने घरों में फँसी रह गयी है।
3. रपली गाँव के ऊपर पहाड़ की तरफ चैड़ी दरारें पड़ी हैं। जमीन धँस गयी है। स्थानीय निवासी दहशत में जी रहे हैं।![]()
4. गर्गुवा से स्याँकुरी तक धौलीगंगा के टनल के ऊपर बसे गाँवों में जगह-जगह पर छोटी बड़ी दरारें और भूस्खलन की स्थिति है।
5. दारमा, चैदास व व्याँस घाटी का सड़क सम्पर्क भंग हो गया है।
6. इन घाटियों में खाद्यान्न की भयंकर कमी है।
7. इन घाटियों के खुले बाजार में भी खाद्यान्न, नमक, तेल उपलब्ध नहीं है।
8. भूस्खलन से खेला ग्राम पंचायत के गौर गाँव की पानी की लाईन ध्वस्त हो गयी है।
9. इस क्षेत्र से गुजरने वाला अस्कोट कालापानी पैदल मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे इस क्षेत्र का पैदल सम्पर्क भी समाप्त हो गया है।
10. प्रभावित क्षेत्र की जनता प्रशासन के रवैये से बहुत आहत है। उसने अध्ययन दल के सामने अपना आक्रोश खुल कर व्यक्त किया।
11. एन.एच.पी.सी. प्रशासन का कोई भी व्यक्ति अभी तक प्रभावित क्षेत्र में नहीं गया है, जबकि यह पूरा क्षेत्र एन.एच.पी.सी. की परियोजना क्षेत्र में पड़ता है।
12. स्याँकुरी से खेला इण्टर कॉलेज तक जाने वाला पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होकर असुरक्षित हो गया है, जिससे खेला इण्टर कॉलेज में पढ़ने वाले स्याँकुरी के विद्यार्थी घटना के दिन से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
13. अभी तक क्षेत्र में कोई मानव एवं पशु चिकित्सा दल नहीं गया है। भूस्खलन से उठने वाली धूल के कारण क्षेत्र के अधिकांश लोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त हैं।
14. क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पूर्ण रूप से भंग है।
15. क्षेत्र में अभी तक किसी भी प्रकार की राहत सामग्री का वितरण नहीं किया गया है। न ही प्रभावितों को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता दी गयी है।
16. पूरा क्षेत्र पूर्ण सूखे की स्थिति में है, जिस कारण कृषि बागवानी सौ प्रतिशत प्रभावित हुई है।
17. क्षेत्र में मवेशियों के लिए चारे की किल्लत भी पैदा हो गयी है।
18. आपदा के दिन से अभी तक महिला मंगल दल एवं युवक मंगल दल रपली के कार्यकर्ताओं ने सराहनीय कार्य किया है और जान जोखिम में डालकर बुर्जुर्गों, बच्चों व मवेशियों को बचाया है।
जिला कमेटी
भाकपा माले, पिथौरागढ़
चित्र : साभार ट्रिब्यून इंडिया
























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