वरिष्ठ होलियार चन्द्रशेखर कपिल ने अपने लटके-झटकों के साथ होली के बीच ‘अपने मजे का मजा’ किस्से को सुनाया तो नैनीताल समाचार के पटांगण में बैठे सभी रसिक श्रोता व होल्यार खिल उठे। सचमुच होली अपने मजे का मजा है। चाहे वह सत्ता प्रतिष्ठानों की हो या भूखे, नंगे, असहाय लोगों की या माफिया गठजोड़ से छुटकारा पाने या अपने हक-हकूकों को प्राप्त करने के लिए संघर्षरत आमजन की। होली की मौज क्षण भर ही सही, हर कोई लेना चाहता है और इन्तजार करता है अगले वर्ष की होली का। यही इंतजार रसिकों को नैनीताल समाचार की होली का भी रहता है।
इस बार 26 फरवरी को नैनीताल समाचार के पटांगण में आयोजित होली प्रसिद्ध सिने अभिनेता व संस्कृतिकर्मी स्व. निर्मल पाण्डे को समर्पित की गई। हल्द्वानी से आए ‘हिमालय शोध समिति’ के होल्यारों के गायन से शुरू हुई होली गिर्दा के नेतृत्व में निकले होली जलूस में उत्तराखण्ड आंदोलन के शहीदों की स्मृति में गाई गई होली के साथ सम्पन्न हुई। होली समारोह में नगर के प्रबुद्धजनों के अलावा दूरदराज से भी होल्यार शामिल हुए। इस मौके पर होली का संचालन करते हुए नैनीताल समाचार के सम्पादक राजीव लोचन साह ने बताया कि यों तो वन आन्दोलन के दौर से होली जलूसों का क्रम शुरू हो गया था। लेकिन 1986 से बाकायदा ‘ठंडई’ के साथ इसे नैनीताल समाचार के बैनर के नीचे आयोजित किया जाने लगा। 1990 से नैनीताल समाचार के पटांगण में होली बैठकें शुरू हुईं। इस तरह से इस बार 24वाँ साल है। 1993 से नैनीताल नगर के बुजुर्ग होलियारों को सम्मानित करने का क्रम शुरू हुआ, जिसमें अब तक सर्वश्री उर्बादत्त पांडे, किशन लाल साह, गिरधारी लाल साह, पूरन चन्द्र लोहनी, रामदत्त पांडे ‘भ्राता जी’, गिरीश चन्द्र पांडे, हेम चन्द्र पांडे, विश्वम्भर नाथ शाह ‘सखा’, दिनेश चन्द्र जोशी ‘कन्नू’, ललित मोहन जोशी, रमेश चन्द्र चौधरी, लीलाधर पांडे, गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’, अनूप साह, हरिमोहन पांडे ‘हरिमुन्ना’, मोहन चन्द्र पन्त, के. के. साह को सम्मानित किया जा चुका है। इस बार अपेक्षाकृत कम उम्र के, मगर प्रतिभावान होलियार गजेन्द्र त्रिपाठी का सम्मान किया गया। वरिष्ठ शास्त्रीय गायक नलिन धोलकिया, कूर्माचल नगर सहकारी बैंक के अध्यक्ष आलोक साह तथा वरिष्ठ पत्रकार गोविन्द पंत ‘राजू’ द्वारा उन्हें टोपी पहना कर, शॉल ओढ़ा कर तथा नारियल और कलश भेंट कर मानपत्र के साथ उनका सम्मान किया गया। चीनाखान लाईन निवासी गजेन्द्र त्रिपाठी को होली गायन का शौक सन् 1980 के दशक में नवज्योति क्लब से चढ़ा। अब वे नयी पीढ़ी के उल्लेखनीय होली गायक हैं।
बैठकी होली के एक दौर, जिसमें गिर्दा ने अपनी अस्वस्थता के बावजूद श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, के बाद दो-तीन सालों के अन्तराल के बाद इस बार तल्लीताल बाजार में होली जलूस भी निकाला गया। प्रत्यक्ष जीवन के बदले सिर्फ स्थानीय केबल टीवी पर ही सीमित रह गई होली के इस दौर में तल्लीतालवासियों ने होली का खूब लुत्फ उठाया।