पिथौरागढ़ स्नात्कोत्तर महाविद्यालय में राजनीतिशास्त्र के प्रवक्ता पद से सेवानिवृत डा. प्रभात उप्रेती पर्यावरणीय मसलों पर निरन्तर कार्य करते रहे हैं। यात्राऐं और लेखन भी निरन्तर ही रहा है। ‘सफदर एक आदमकद इंसान’,‘जिन्दगी में कविता’,‘गांव गांव में’ आदि किताबों के अतिरिक्त नाटक तथा कहानी लेखन में सक्रिय हैं।
राजीव लोचन साह चुप रह कर भी सारी बातें कह गए। गुस्से से भरा जो शख्स नैनीताल समाचार कार्यालय में आकर अपनी भड़ास निकाल गया और वोह खामोश बैठे रहे वकील सज्जन भी, अपने आप में बहुत कुछ बयां करते हैं। समाचार दफ्तर में यूँ भी लोग आते रहते हैं , अब साह जी को लिखने के लिए घर बैठे मसाला मिलने लगा है । परन्तु, क्या woh शख्स पुलिस का आदमी नहीं रहा होगा? ……कुछ भी हो, हाथियों की लड़ाई में कुचली तो घास ही जाती है।
आपका एक हितेषी
Please update profile of the Writers/Contributors, it would be a good idea to add details on their published work, web sites, links – where ever applicable.
nainital samachar kewal samachar patra nahe hai. yah ek ahatiyashik dastawage hai, jiske liye ane wali pedhi nainital samachar pariwar ka “sukriya” ada karege.
किसी काम के लिए समय मिले न मिले नैनीताल समाचार के लिए जरूर टाइम निकाल लेता हूँ खास तौर पर जब उत्तराखंड को ठगे जाते हुए देखता हूँ तो मीडिया पर गुस्सा और जनपक्ष में लिखने वाले लेखकों और समाचार पत्रों और पत्रिकाओं पर केन्द्रित होना जरूरी भी हो गया है. हल्द्वानी में अविध खनन हो या उधम सिंह नगर में इस उत्तराखंड को बर्बाद करने वालों के बारे में जानकारी तो मिल ही जाती है. यहाँ पुराने और परसिध लेखक यहाँ पर हैं तो वहीँ पर नयी पीडी के सही और इमानदार पत्रकार भी नैनीताल समाचार में लिख रहे हैं ऐसे में मुझे लगता है की अच्छा पढने वाले की नैनीताल समाचार रूह की खुराक है
nainital samachar padhne par lagta hai ki abhi sab kuch khatm nahi hua nai .balki kuch log abhi bache hain jo apane hi swarth main lipt na rahkar uttrakhand ki sambednaon se sarokar rakhte huwe wastwik roop se rajya ko khush hal banahe ki soch to rakhte hain .
nainital samachar de jurne k lgta h ki sabhi kush khatm nahi hua hai. I feel proud to be part of Nainital samachar.
me nanitaal smachaar ko padhne ke liye samay jarur nikalta hoon