नैनीताल नगर की निम्नांकित ज्वलन्त समस्याओं एवं उसके निस्तारण के संबध में आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ -
तल्लीताल बस स्टैंड से 200 मीटर आगे पिछाड़ी बाजार में एक बहुत गहरा गड्ढा है। उसके ऊपर तत्काल सीमेंट का समतल ढक्कन लगाया जाये। लोअर मालरोड में आर्मी हॉली डे होम के प्रवेश द्वार पर सड़क के नाले पाटे जायें। तल्लीताल दर्शन घर की दशा बहुत दयनीय हो चुकी है। इसका तुरंत ही सौन्दर्यीकरण करें। अराजक तत्वों द्वारा उस स्थान पर शराब का सेवन न हो। पूर्व में मल्लीताल पंत पार्क में स्थापित संगमरमर का फौवारा यदि नगरपालिका के स्टोर में सुरक्षित रखा है तो उसे भी दर्शन घर पार्क में स्थापित किया जाये। इस फौवारे के साथ शहर का लगाव है।
मालरोड में स्मूथ स्पीड ब्रेकर ज्यादा संख्या में बनें एवं इंडिया होटल के पास बने स्पीड ब्रेकर को सुधारा जाये। वहाँ पर अचानक ऐसा झटका लगता है कि मुँह से अपशब्द निकल जाता है। अपर माल रोड में पैदल चलने का पथ सपाट व समतल बने। उबड़-खाबड़ पथ से चलने में परेशानी होती है। पैर मुड़ने का खतरा रहता है। फिर अपर माल रोड पर चलने वाली मोटर साइकिल व कारें ऐसे ओवर टेक करती है कि पैदल चलने वाले का रेलिंग से सट कर चलना पड़ता है। जब तक उन वाहनों को देखो, वाहन फुर्र हो जाता है। मालरोड में डामरीकरण रेलिंग तक हो। यदि वहाँ तक रोड रोलर समतल न कर पायें तो हैंड चलित रोलर से समतल किया जाये। माल रोड में डेंजर जोन में पैदल पथ और वाहन ट्रेक जोन के मध्य में प्लास्टिक की रस्सी से जुड़े डिवाइडर रख दें। इससे पैदल चलने वालों को आराम रहेगा और वाहन की गति पर भी चालक स्वयं ही नियंत्रण रखेगा। मालरोड में दो स्थानों पर पहले अस्थायी और बाद में अच्छे मूत्रालयों की स्थापना की जाये। खास तौर से स्टेंडिंग वाले पुरुष मूत्रालय। स्त्रियों के लिये पूर्व में बने शौचालय ही पर्याप्त हैं। पुरुष निर्लज्ज होता है और कही भी खड़े होकर पेशाब कर देता है। फिर शौचालय के अतिरिक्त निवृत्त होने पर वह बह कर सीधे तालाब में जाता है और इस पानी को हम पीते हैं।
ब्रिटिश शासन काल में बनी सारी सार्वजनिक दीवारों की सफाई, झाड़-झंखाड़ हटाना एवं झील से जुड़े सारे नालों की मरम्मत व कूड़ा अवरोधक लगाया जाये। तल्लीताल व मल्लीताल बाजार में केबिल तारों का जाल बहुत ही गंदा व अव्यस्थित है। इन्हें हटाया जाये। इससे किसी आकस्मिकता के समय बड़े वाहन, अग्निशमन, एम्बुलेंस के आगमन पर और डोला शहर भ्रमण में बहुत परेशानी होती है। टेलीफोन के तार जो अधिकांशतः बिजली के खंबों के साथ ही अपना जाल फैलाये हैं, हटाकर व्यवस्थित तरीके से वितरण हो।
गोविन्द बल्लभ पंत पार्क के साथ फौवारे के पास, कैपिटल, गुरुद्वारा मंदिर तक फुटकर, फुटपाथ पर व्यापार करने वाले चाहे प्रशासन को ठेंगा दिखाकर कुछ भी बेचें- चाय, नाश्ता, भोजन कतई नहीं। यदि प्रशासन पर वे भारी पड़ रहे हैं तो उन्हें बास्केट बाॅल कोर्ट के किनारे फ्लैट की दीवार के पास बेचें। गंदगी फील्ड सोख लेगा और अनावश्यक भीड़ नहीं रहेगी। पर्यटकों को आराम से घूमने व रेलिंग्स पर बैठने को मिलेगा।
मल्लीताल व तल्लीताल बाजारों में दुकानदारों का अतिक्रमण हटाया जाये। दुकानदार अपना सामान सड़क तक न लगायें। अग्नि शमन विभाग संभावित स्थानों पर नये वाटर हाईड्रेंट लगायें। तल्लीताल बाजार में बस स्टेंड से लगे प्रवेश सीढि़यों को तुड़वाकर खंबे वाले प्रवेश बनवायें। इससे बाजार में मोटर साइकिल व कारों का प्रवेश सुगम न होगा। दो खंबों में चेन लगाकर विशेष परिस्थिति पर खंबा हटाकर वाहन का प्रवेश हो। शुल्क लिया जाये। नहीं तो धर्मशाला थाने के रास्ते बाजार में आवश्यक होने पर प्रवेश हो और वैसे ही वापस।
भिखारी व जबरदस्ती पैसे मांगने वाले बच्चों को पकड़कर शहर से बाहर किया जाये। पाषाण देवी मंदिर के नीचे तालाब के किनारे का हनुमान मंदिर यदि व्यक्तिगत संपत्ति है तो बताया जाये। यदि नहीं तो सुबह-शाम पूजा अर्चना आरती हेतु आम भक्तजनों हेतु खुला रहे। गर्मियों में तालाब का स्तर नीचे होने पर तालाब के किनारे की वीडियोग्राफी करवाकर रख ली जाये। विशेष परिस्थितियों में दुर्घटना होने पर आत्महत्या की स्थिति में अंदाजा लगाना आसान होता है।
लेंगडेल मैनोर होटल से मेट्रोपोल होटल तक पैदल रास्ता बहुत दयनीय स्थिति में है। उसे पूरी पहाड़ी के अनुरूप नाले के साथ सुधारा जाये। पूर्व में बना सीमेंट का खडंजा ध्वस्त हो गया है। सुलभ इंटरनेशनल या अन्य संगठनों द्वारा जो जन सुविधा शौचालय बनवाने गये हैं, उनमें पुरुष के पेशाब करने पर कोई चार्ज नहीं लगता है तो स्त्रियों से क्यों ? सिर्फ पेशाब करने हेतु पैसा अवैध रूप से वसूला जाता है। यदि उन्हें अन्य परेशानी है या सुविधा लेनी है तो ठीक। शायद पुरुष और कहीं भी कभी भी पेशाब कर देता है। डर के मारे पुरुष से तो पैसा वसूला नहीं जाता है। लाज की मारी महिला से वसूल भी लिये तो क्या बहादुरी है ? अतः यह नियम बदला जाये।
अनिल तिवाड़ी
90, तल्लीताल, नैनीताल