1-14 जून के अंक में भुवन बिष्ट का आलेख ‘भ्रष्टाचार से तरक्की का रास्ता है हजारे जी’ वर्तमान व्यवस्था का कड़वा सच है। देश के प्रधानमंत्री व राज्यों के मुख्यमंत्री जब भी अपने तरक्की की बात करते है तो उन्हें भ्रष्टाचार की तरक्की भी देख लेनी चाहिए। कॉमनवेल्थ घोटाला, आदर्श सोसाइटी घोटाला, स्टर्डिया घोटाला, कुम्भ मेला घोटाला हमारे राज्य व केन्द्र की तरक्की स्पष्ट कर देता है। मगर दोनों प्रमुख पार्टियाँ कांग्रेस व भाजपा यदि अपने गिरेबान में झाँक कर देखें तो उनकी एक-दूसरे के प्रति पोल-खोल भूमिका स्पष्ट हो जाती है। मीडिया को भी इनके बकवास कार्यक्रमों से परहेज करना चाहिए। माना इनके कार्यकर्ता लाखों का विज्ञापन वर्ष भर देते हैं। पर क्या यह मीडिया की कीमत है ?
पूरन चन्द्र पाण्डे रामनगर, नैनीताल
आपने समाचार दिया-‘प्रदेश को मिले दो नगर निगम’। जब तक आप यह खुशखबरी हम तक पहुँचाते, समाचार बन गया था-‘प्रदेश को मिले थे, दो नगर निगम’। यह होती है सूचना क्रान्ति की रफ्तार! देखा न, समाचार कितनी जल्दी बासी हो गया। नगर निगम की घोषणा आनन-फानन में हुई। लोगों को लगा अब दिन फिर गये समझो। मगर जिस तरह किसी बच्चे को उसका मनपसंद खिलौना देकर अगले ही पल वह खिलौना उस बच्चे से छीन लिया जाए, यह बिल्कुल वैसा ही हुआ। सुबह के अखबार ने हल्द्वानी के लोगों को नगर निगम की सूचना देकर बुरी तरह चौंकाया। मुझ जैसे लोग तो यकीन न हो पाने की गलतफहमी में आँखे मलते ही रहे। बहरहाल, अब उच्च न्यायालय ने सरकार के इस निर्णय को पलट दिया है। अब हल्द्वानी व हरिद्वार पूर्ववत नगर पालिका का दायित्व निर्वहन करेंगे। बात हल्द्वानी की करें। चाहे यह शहर पालिका रहे या निगम बने, जनता त्रस्त नजर आती है। इस शहर की सबसे बड़ी समस्या पेयजल और यातायात हैं। हालत यह है कि शनिवार (साप्ताहिक बंदी का दिन) को भी लोगों को जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ता है। मंगल पड़ाव, सिंधी चौराहा, कालाढुँगी चौराहा और रोडवेज इन जगहों पर जाम हमेशा ही बना रहता है। इस वक्त-बेवक्त के जाम से छुटकारा तभी मिल सकता है, जब हल्द्वानी शहर में कम से कम दो फ्लाई ओवर हों, ताकि बाहर जाने वाले वाहन फ्लाई ओवर के द्वारा बाहर निकल जायें। इससे बाजार में जाम नहीं लगेगा। कई इलाकों में पेयजल की आपूर्ति लड़खड़ाई हुई है। बरसात में सड़कों में जलभराव की समस्या, कचरा व सीवर ट्रीटमेंट की समस्या से शहर को निजात पानी है।
गंगा सिंह रावत हल्द्वानी
‘नैनीताल समाचार’ का हर अंक समसामयिक व नवोन्मेष कारक घटनाओं से परिपूर्ण होता है। वर्ष 34 अंक 19 (15 से 21 मई 2011) में सुनीता भास्कर का ‘जिसने विज्ञान को जनता का ककहरा बनाया है’ आलेख, लगन व प्रेरणा का प्रतीक है। श्री ब्रज मोहन शर्मा व ‘स्पैक्स’ संस्था के प्रयास नवोन्मेष की ज्वलन्त मिसाल हैं। कृपया उनका पता भी अवगत कराने की कृपा करें, ताकि उनसे सम्पर्क संभव हो सके।
तारादत्त पाण्डे ‘तरदा’ रानीबाग, जिला-नैनीताल