हिमालयन प्रेस क्लब द्वारा पीताम्बर दत्त डेवरानी जी की दूसरी पुण्यतिथिके अवसर पर कोटद्वार में 30 अगस्त को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर वयोवृद्ध पत्रकार और ‘नया जमाना’ के सम्पादक राधाकृष्ण कुकरेती को सम्मानित किया गया। कुकरेती जी अस्वस्थता के कारण कार्यक्रम में आ नहीं पाये थे। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए ‘नैनीताल समाचार’ के सम्पादक राजीव लोचन साह ने डेवरानी जी का मूल्यांकन गढ़वाल भाबर के विशिष्ट व्यक्तित्वों के संदर्भ में करते हुए कहा कि ‘गुरु जी’ इन सबमें अन्यतम थे, क्योंकि वे अन्तिम क्षणों तक सक्रिय रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वयोवृद्ध सर्वोदयी कार्यकर्ता मानसिंह रावत थे। अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार योगेश पांथरी ने की। इस अवसर पर प्रदेश की ग्राम्य विकास, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री विजया बड़थ्वाल, स्थानीय विधायक सतपाल सिंह रावत, सी.पी.आई. नेता समर भंडारी, चेतना आन्दोलन के त्रेपन सिंह चौहान और महिला समाख्या की राज्य समन्वयक गीता गैरोला सहित नगर के तमाम सम्भ्रान्त नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन कमल जोशी ने किया।
10 अप्रेल 1925 को ग्राम डुंडेख (द्वारीखाल) में जन्मे पीताम्बर दत्त डेवरानी ने एक अध्यापक के रूप में अत्यन्त विपरीत परिस्थितियों में गढ़वाल के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार-प्रचार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 1984 में वे राजकीय इंटर कॉलेज, देवाल से प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए। 1959 में उन्होंने कोटद्वार से ‘आवाज’ नामक एक साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया और आजीवन विभिन्न अखबारों के लिये लिखते रहने के बाद सेवानिवृत्ति के पश्चात कुछ समय के लिये ‘कर्मभूमि’ और ‘सत्यपथ’ का सम्पादन कार्य भी संभाला। वे वामपंथी सोच से गहरे जुड़े हुए थे। उनकी विद्वता और विचार ने एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित किया। 1972 में वे ढांगू विकास खंड के ब्लॉक प्रमुख चुने गये। उनके द्वारा शुरू की गई विकास योजनायें आज भी आदर्श मानी जाती हैं। 1994 में उत्तराखंड राज्य के लिये हुए आन्दोलन में उन्होंने कोटद्वार में नेतृत्व सम्हाला।