पिथौरागढ़ में पाँच से आठ नवम्बर तक आयोजित छलिया महोत्सव में प्रत्येक दिवस को अलग-अलग पार्टियों के प्रतिनिधियों को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था। इनमें भाजपा से प्रकाश पंत व सुरेश जोशी, कांग्रेस से केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत व क्षेत्रीय सांसद प्रदीप टम्टा, यूकेडी से काशी सिंह ऐरी और बसपा से प्रदेश अध्यक्ष बीआर धौनी को मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर बुलाया गया था। भाजपा के पिछलग्गू घोषित काशी सिंह ऐरी अपनी पार्टी को मजबूत करने के दावे ठोकते दिखे तो वहीं बसपा के प्रदेश अध्यक्ष 2012 के चुनाव में पहाड़ पर हाथी चढ़ाने के। भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने केन्द्र की कांग्रेस सरकार द्वारा उपेक्षा किये जाने का रोना रोया तो कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार द्वारा प्रदेश में विकास का पहिया रोक देने का दोष मढ़ा। हाँ, एक विषय पर दोनों ही दल जनता को समान रूप से ठगते दिखायी दिये। यह विषय था पिथौरागढ़ में ही आईआईएम बनाये जाने का। इस मामले में दोनों राष्ट्रीय दल एक-दूसरे से होड़ करते दिखे। पर शायद दोनों ही पार्टियाँ आईआईएम के मानकों को पढ़ना भूल गयीं। मानकों के अनुसार आईआईएम सिर्फ उसी क्षेत्र में बन सकता है, जो या तो रेल लाईन से नजदीक हो या फिर वहाँ पर हवाई सेवा सुचारू हो। जनता को छलने के भी कुछ कायदे होते हैं। मानो आईआईएम दो कमरों में संचालित होने वाला कोई संस्थान हो जैसे !
60 हजार से ज्यादा आबादी के पिथौरागढ़ में एक ढंग का अस्पताल तो है नहीं। नगर के साथ-साथ धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट सहित पड़ोसी देश नेपाल की जनता भी यहाँ की स्वास्थ्य सेवा पर निर्भर है। मगर यहाँ के जिला अस्पताल में न तो पर्याप्त बिस्तर है और न चिकित्साकर्मी। पैसे वाले लोग तो जैसे-तैसे अपना इलाज करा लेते हैं, लेकिन उनका क्या होगा जो लोग डॉक्टर की फीस तक नहीं दे सकते हैं ? बाजार से दवाई खरीदना हर किसी के बस की बात तो नहीं। डॉक्टर पाँच दिन की दवाई किसी को लिख कर देता है तो यह जरूरी नहीं कि मरीज उसे खरीद लें। आधे से भी ज्यादा मरीज पाँच के स्थान पर दो ही दिन की दवाई खरीदते हैं। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के अभाव में गरीब मरीज आये दिन दम तोड़ते रहते हैं। यह है जनपद की असली स्थिति और दूसरी तरफ सत्ताधारी पार्टियाँ सिर्फ अपना वोट बैंक भरने के लिए झूठे भाषणों पर जनता के बीच बिठाये गये अपने कार्यकर्ताओं से तालियाँ बजवाते रहते हैं।
बिजेन्द्र लुण्ठी पिथौरागढ़
























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