लेखक : नरेन्द्र सिंह नेगी :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2008:: वर्ष :: 32 :August 15, 2008 पर प्रकाशित
अबारी दा तु लम्बी छुट्टि लेकि ऐई, ऐगे बगत आखीर। टीरि डूबण लैग्यूँ चा बेटा, डाम का खातीर।। भेंटीजा यूँ गौला-गवींड़ों जौंमा, खेलिकी सयाणु ह्वें त्, ग्वाया लगैनी जैं डंड्यालि जै चैंक, जाँ बाटों आणू जाणु रै तू कखन द्यखण लठ्याला त्वैन जलम भूमी या फीर टीरि डुबुण…..।। लसण प्याजे कि बाड़ि संगोड़ि सेरा दोखरी-पंगुड़ी [...]
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लेखक : गिरीश तिवाड़ी 'गिर्दा' :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2008:: वर्ष :: 32 :August 15, 2008 पर प्रकाशित
(इस गीत की प्रेरणा-नाल और तर्ज बहुप्रचलित पारम्परिक होली-‘नदी यमुना के तीर कदम चढ़ि कान्हा बजै गयो बाँसुरिया’ से सीधे-सीधे जुड़ी है।) नदी वार, तट पार चलो रे करें यात्रा नदियों की। हाँ! करें यात्रा नदियों की। कहाँ से उपजी कहाँ समाई कहाँ भई जलधार चलो रे करें यात्रा नदियों की। ‘ताल’ से उपजी, ‘गौला’ [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2008:: वर्ष :: 32 :August 15, 2008 पर प्रकाशित
(सुप्रसिद्ध इतिहासकार इरफान हबीब से प्रेम कुमार के साक्षात्कार का यह अंश हम ‘नया ज्ञानोदय’ के मार्च 2004 के अंक से साभार प्रकाशित कर रहे हैं। -सम्पादक) प्रेम कुमार:- समुद्र तटों पर सभ्यता के विकास को आप किस दृष्टि से देखते हैं? इरफान हबीब:- समुद्र की हमारे यहाँ इस लिहाज से खास अब कोई कीमत [...]
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लेखक : प्रदीप तिवारी :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2008:: वर्ष :: 32 :August 15, 2008 पर प्रकाशित
पंच केदारों में से चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के शीतकालीन निवास गोपीनाथ स्थित शिव का अष्ट धातु का त्रिशूल पुरातत्व विभाग की लापरवाही के कारण जंग खाकर नष्ट होने के कगार पर है। वर्ष 2007-08 में पुरातत्व विभाग द्वारा जीर्ण-क्षीर्ण हालत में पहुँच चुके गोपीनाथ मन्दिर की मरम्मत तथा आसपास स्थित मन्दिर व मन्दिर के भण्डारण [...]
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लेखक : हरीश जोशी :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2008:: वर्ष :: 32 :August 15, 2008 पर प्रकाशित
बीते पखवाड़े कौसानी में ऊनी शॉल व रेडीमेड व्यवसाय से जुड़े स्थानीय निवासी गिरीश कांडपाल, जिनका जुड़ाव एक दैनिक की एजेंसी से है, के अपहरण व फिरौती की खबर अखबारों में छपीं। कथित अपहर्ताओं की ओर से गिरीश कांडपाल के विरुद्ध चारित्रिक अभियोग लगाकर मुकदमा दर्ज किये जाने की बात भी सुनी गई। गिरीश कांडपाल [...]
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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2008:: वर्ष :: 32 :August 15, 2008 पर प्रकाशित
आठ साल पहले अस्तित्व में आये उत्तराखंड ने विकास और जनता की खुशहाली के लिये अब तक कुछ किया हो अथवा नहीं, लेकिन कुशासन और भ्रष्टाचार आदि को लेकर यहाँ अनेक कीर्तिमान स्थापित होने लगे हैं। इसी क्रम में एक कीर्तिमान यहाँ के शासन-प्रशासन ने स्थापित किया है एक पत्रिका के पाठकों के उत्पीड़न का। [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2008:: वर्ष :: 32 :August 15, 2008 पर प्रकाशित
नैनीताल के प्रसिद्ध कव्वाल जनाब अब्दुल वजीर (पच्चू) कव्वाली गाते-गाते अल्लाह को प्यारे हो गये। उनकी उम्र 56 वर्ष की थी। जनाब वजीर नैनीताल की सूफियाना गायकी की शान थे। शादी हो या उर्स, शरदोत्सव हो या रामलीला में रावण दरबार में वे हमेशा मौजूद रहते थे। वे मोहर्रम जुलूस के अखाड़े तथा संचालकों में [...]
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लेखक : हरीश जोशी :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2008:: वर्ष :: 32 :August 15, 2008 पर प्रकाशित
73 वाँ संविधान संशोधन जारी होने के बाद तीसरे और राज्य बनने के बाद दूसरे त्रिस्तरीय पंचायती चुनावों का घमासान हो रहा है इन दिनों उत्तराखंड में। पंचायती राज की बुनियादी अवधारणा से कोसों दूर और मुद्दों को तवज्जो दिये बिना हो रहे इन चुनावों में चौतरफा अपसंस्कृति का बोलबाला देखने को मिल रहा है। [...]
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लेखक : चंदन बंगारी :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2008:: वर्ष :: 32 :August 15, 2008 पर प्रकाशित
उत्तराखंड में यातायात के संदर्भ में की गई कोई भी बात 50 वर्ष पूरा कर चुकी गढ़वाल मोटर यूजर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के बगैर अधूरी रहेगी। यह संस्था सहकारिता के आधार पर स्थापित यातायात की अविभाजित उत्तर प्रदेश में पहली संस्था थी। मैदानी क्षेत्रों में मोटर सड़कें व पटरियाँ होने के कारण वहाँ पर गाड़ियाँ [...]
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लेखक : हरीश चन्द्र चंदोला :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2008:: वर्ष :: 32 :August 15, 2008 पर प्रकाशित
चमोली जिले में रोजगार गारंटी योजना की समीक्षा के लिये कुछ समय पहले ‘जनदेश’ संस्था ने एक कार्यशाला आयोजित की थी। उसमें जो कथायें सुनाई गईं, वह बहुत दुःखद थीं। दशौली ब्लॉक के सैंजी गाँव के दयालसिंह का कहना था कि लोगों को रोजगार देने गाँव के पानी-स्रोत से खेतों तक नहर बनाई गई, लेकिन [...]
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