श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का भविष्य अधर में
श्रीनगर (गढ़वाल) के मेडिकल कॉलेज का अस्तित्व तीन साल के भीतर ही खतरे में पड़ गया है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इण्डिया ने श्रीनगर सहित देश के 35 मेडिकल कॉलेजों पर शिक्षा सत्र 2010-11 के लिए प्रतिबन्ध लगाने की तैयारी कर ली है। एम.सी.आई. की टीम ने 16-17 मार्च 2010 को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का दौरा [...]
सत्ता से बाहर यानी जनता से प्रेम
सत्ता से बाहर होते ही नेता जनभावनाओं की बात करने लगते हैं, भले ही सत्ता में रहते हुए वही जनभावना उन्हें राजनैतिक साजिश नजर आती हो। कुछ ऐसा ही हाल आजकल हमारे पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खण्डूरी का है। पिछले दिनों अपने थराली, देवाल, चमोली और बागेश्वर दौरे में उन्होंने कहा कि राजधानी बनाने का [...]
सौ दिन में जाँच नहीं हो सकती है इस सरकार की
आगामी 4 अक्तूबर को जब रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ अपनी सरकार के 100 दिन पूरे कर रहे होंगे तो अपनी उपलब्धियों के रूप में केन्द्र से प्राप्त मदद का मुद्दा ही गिना पायेंगे। राज्य के प्रशासन में उनका अपना योगदान तो बाद में आयेगा, लेकिन अपने पूर्ववर्ती की तुलना में वे अधिक गतिशील होने का संकेत [...]
ये घटनायें अच्छे भविष्य का संकेत नहीं हैं
मई का दूसरा सप्ताह। 9 मई को चार धामों में से एक श्री बद्रीनाथ के कपाट खुलने का दिन। 10 मई – 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की याद में समारोह। 12 मई – उत्तराखंड की विधानसभा में तोड़फोड़। 16 मई – मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खण्डूरी के हैलीकॉप्टर को पालम एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत [...]
इतराने लायक क्या है खंडूरी सरकार के एक साल के कार्यकाल में ?
8 मार्च को उत्तराखंड की दूसरी निर्वाचित सरकार ने अपने कार्यकाल का पहला साल पूरा किया। सत्ता पर काबिज भाजपा ने इस दिन को राज्यव्यापी समारोहों के माध्यम से मनाया है। परन्तु क्या राज्य में ऐसा कुछ हुआ है, जिससे जनता इन समारोहों से हार्दिक रूप से जुड़ सकी हो ? सच तो यह है [...]
छेदीलाल बनाम सुराख अली बनाम होलचन्द
लोक में एक बहु प्रचलित कथा है छेदीलाल की। छेदीलाल कोई विशिष्ट व्यक्ति नहीं, बल्कि एक सामान्य मनुष्य रहा। जब पैदा हुआ, सब ठीकठाक रहा। जब विवाह हुआ तो भी शुरू के दिन ठीक ही रहे। परन्तु जब नई नवेली दुल्हन गाँव की औरतों के बीच गई तो चर्चा में छेदीलाल का नाम आने पर [...]
मुख्यमंत्री अब करने लगे हैं लोक लुभावन घोषणायें….
मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी अब लोक लुभावन घोषणाओं पर उतर आये हैं। किसानों को बिजली की पेनाल्टी की माफी, सचिवालय में संविलयन की मांग कर रहे संबद्ध कर्मचारियों को तोहफा, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण और उनके कल्याण का फैसला, जमीन की कीमतों में इजाफा रोकने के लिये इमारतों की ऊँचाई को बढ़ाने की मंजूरी [...]
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