लेखक : महेश जोशी :: अंक: 23 || 15 जुलाई से 31 जुलाई 2011:: वर्ष :: 34 :August 15, 2011 पर प्रकाशित
बिनसर वन्य जीव विहार क्षेत्र में हक-हकूकों की मांग को लेकर नब्बे के दशक में चले आंदोलन के दौर में ही यह विचार बना था कि क्यों न इस क्षेत्र के ग्रामीण परम्परागत कार्यों से भी जुड़े रहें और पर्यटन से भी उन्हें कुछ रोजगार मिले। पर न उद्यमिता की पृष्ठभूमि थी और न आर्थिक [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 21 || 15 जून से 30 जून 2011:: वर्ष :: 34 :July 25, 2011 पर प्रकाशित
आई.डी. जोशी बिनसर वन्य जीव विहार द्वारा बनाये गये ‘बिनसर इको टूरिज्म मैप’ का लोकार्पण 14 मई को बिनसर स्थित वन विभाग के डाकबंगला परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेश के पेयजल एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत द्वारा किया गया। इस अवसर पर बिनसर में विलेज वेज के नाम से पर्यटन चला रहे हिमांशु [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 10 || 01 जनवरी से 14 जनवरी 2011:: वर्ष :: 34 :January 26, 2011 पर प्रकाशित
ईश्वर जोशी उत्तराखण्ड संसाधन पंचायत, लोक प्रबंध विकास संस्था तथा वन पंचायत सरपंच संगठन ताकुला के संयुक्त तत्वावधान में बिनसर वन्य जीव विहार से प्रभावित गाँवों की समस्याओं को लेकर एक बैठक 24 दिसम्बर 2010 को अयारपानी स्थित बिनसर अभयारण्य के राजि कार्यालय में संपन्न हुयी। बैठक में आयोजक संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा भारत [...]
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लेखक : महेश जोशी :: अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2010:: वर्ष :: 33 :April 26, 2010 पर प्रकाशित
अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से 15 किमी के फासले में स्थित विनसर वन्यजीव विहार के जंगल में पिछले दस-पन्द्रह दिनों के अन्तराल में दो बार आग लग चुकी है और करीब डेढ़ सौ हैक्टेयर जंगल खाक हो चुका है। मई 1988 में बिनसर के 45.59 वर्ग किमी. वन क्षेत्र को ‘वन्य जीव विहार’ घोषित कर देने [...]
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लेखक : महेश जोशी :: अंक: 12 || 01 फरवरी से 14 फरवरी 2010:: वर्ष :: 33 :February 7, 2010 पर प्रकाशित
बिनसर वन्य जीव विहार प्रभावित गाँवों में जंगली जानवरों के आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। खुंखार जंगली जानवरों से खेती-पाती तो चौपट हो ही गई जान का खतरा भी बढ़ते जा रहा है। आलू, गडेरी व अन्य साक-शब्जियों के लिए प्रसिद्ध इस इलाके में धान, गेहूँ आदि की फसल भी काफी अच्छी होती थी [...]
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