कछुआ चाल से चल रही है नरेगा
प्रस्तुति : गणेश पांडेय कम से कम सौ दिन का रोजगार देने वाली राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ‘नरेगा’ धरातल पर कछुआ चाल से चल रही है। अनेक गाँवों में पिछले पौने दो सालों से अभी तक न तो पूरे जॉबकार्ड ही बन पाये हैं और न ही जॉबकार्ड धारक बेरोजगार लोगों को रोजगार मुहैया [...]
चमोली जिले में एक राजमार्ग ही गायब हुआ !
सीमा सड़क संगठन राष्ट्रीय राजमार्ग 58 की लगभग चार किलोमीटर सड़क खा गया है। यह घटना जोशीमठ की है, जो लगभग 500 किलोमीटर लंबे दिल्ली-बदरीनाथ राजमार्ग पर स्थित है, बदरीनाथ से 40 किलोमीटर पहले। यहाँ यदि पूछिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग कहाँ है तो कोई नहीं बता पायेगा। सीमा सड़क संगठन का जोशीमठ से पाँच किलोमीटर [...]
आरक्षण से वंचित अनुसूचित जातियों/जनजातियों के लोग
समाज के सबसे वंचित हिस्से, यानी दलितों को ठगने का खेल उत्तराखण्ड में धड़ल्ले से जारी है। आमतौर पर सवर्ण लोग अनुसूचित जातियों को मिलने वाले आरक्षण से ईर्ष्या करते हैं और इस व्यवस्था को देश की सभी समस्याओं का मूल मानते हैं। परंतु इस संवैधानिक व्यवस्था से वास्तविक हकदारों को कैसे वंचित किया जाता [...]
वाह हल्द्वानी ! …. जिस डाल पर बैठे हैं, उसी को काट रहे हैं लोग
उत्तराखंड का दूसरा और कुमाऊँ का सबसे बड़ा शहर हल्द्वानी इन दिनों अशान्त है। अशान्त हो या न हो, स्थानीय दैनिक अखबार पढ़ें तो लगता यही है कि जबर्दस्त ढंग से अशान्त है। ऐसा क्यों ? इसलिये क्योंकि सामान्यतः अक्टूबर में शुरू हो जाने वाला गौला नदी का खनन इस बार शुरू नहीं हो पा [...]
बिल्डर के खिलाफ जंग
राणा बिल्डर्स द्वारा गाँवों के पानी एवं जंगल में कब्जे को लेकर 29 सितम्बर को सतबूंगा में जागृति महासंघ धारी एवं रामगढ़ परिक्षेत्र की महिला संघ की बैठक हुई। राणा के द्वारा ग्रामीणों के पेयजल स्रोतों पर कब्जा कर लिया गया है और वन पंचायत के जंगलों में महिलाओं की आवाजाही पर रोक लगा दी [...]
श्रीनगर परियोजना तो मनमानी से चल रही है
27 जुलाई को अलकनन्दा नदी पर निर्माणाधीन 330 मेगावाट की श्रीनगर जल विद्युत परियोजना का कॉफर बाँध ढह गया। दरअसल यह परियोजना फर्जी कागजातों पर आधारित है तथा पर्यावरण और कानूनी मानकों की अवहेलना करते हुए बन रही है। इस बाँध का काम 1988 में आरम्भ होना था, परन्तु अब तक कई बड़े ठेकेदार काम [...]
इन बिल्डरों पर किसी का बस नहीं
नैनीताल के आसपास की कुछ नीची पहाड़ियों पर पर्यटन विकास के नाम पर कृषि भूमि को रातोंरात व्यावसायिक बनाकर उनमें होटल और बिक्री के लिये कॉटेज बनाये जा रहे हैं। भीमताल का ज्यादातर क्षेत्र ऐसे भवनों से ढँक चुका है। रामगढ़, धारी विकासखण्डो में बड़े बिल्डरों ने पहाड़ियों पर निर्माण जारी रखा है। इन लोगों [...]
सौ दिन में जाँच नहीं हो सकती है इस सरकार की
आगामी 4 अक्तूबर को जब रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ अपनी सरकार के 100 दिन पूरे कर रहे होंगे तो अपनी उपलब्धियों के रूप में केन्द्र से प्राप्त मदद का मुद्दा ही गिना पायेंगे। राज्य के प्रशासन में उनका अपना योगदान तो बाद में आयेगा, लेकिन अपने पूर्ववर्ती की तुलना में वे अधिक गतिशील होने का संकेत [...]
धर्मसिंह रावत की जरूरत तो अभी बनी रहेगी
1986 में लखनऊ के जी पी ओ में गाँधी प्रतिमा के सामने धरम सिंह रावत धरने पर बैठे थे। एक आई. ए. एस. अधिकारी का व्यवस्था के खिलाफ धरने पर बैठना सभी के लिए चौंका देने वाली घटना थी। कुछ कौतूहल, कुछ मकसद के प्रति जुड़ाव और कुछ युवा पत्रकार होने का जोशा, लखनऊ के [...]
पुलिस को तो मालूम ही नहीं कि प्रतिबंधित क्या है
माओवाद के नाम पर उत्तराखंड में जनता के साथ कैसा छल किया जा रहा है, इसकी बानगी हमें तब मिली, जब हमने सूचना के अधिकार के तहत प्रदेश के गृह विभाग से प्रतिबंधित साहित्य आदि के बारे में कुछ जानकारियाँ माँगी और गृह विभाग को संतोषजनक जवाब देते नहीं बन पड़ा। इस जवाब से प्रदेश [...]
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