सम्पादकीय : संजय दत्त क्षमादान या आत्मसमर्पण?
अच्छा हुआ कि फिल्म अभिनेता संजय दत्त ने तमाम बहस को विराम देते हुए खुद ही यह ऐलान कर दिया है कि वे क्षमादान की अपील नहीं करेंगे और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सही समय पर आत्मसमर्पण कर देंगे। 1993 में मुम्बई में हुए धमाकों के सिलसिले में चले मुकदमे में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संजय [...]
पर्यटन के भेडि़या धँसान ने टाइगर रिजर्व में हड़कंप मचाया
वजीर हस्सा सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश के तहत अब पर्यटक किसी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में नहीं जा सकेंगे। एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा लगाई गई जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार और न्यायमूर्ति खलीफुल्लाह की खंडपीठ ने कोर एरिया के 10 किमी. दायरे में पर्यटन पर रोक लगा दी है। [...]
मैं इस सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं करती
‘‘भाई की हत्या के मामले में सीबीआई जांच के आदेश के बाद एक अजीब सा सुकून मिला। बहुत दिन बाद लगा की शोर मचाकर भी कई चीजें असर करतीं हैं। अपने भाई की लड़ाई लड़ने के लिए विजय दा, भुप्पी दा को मैं धन्यवाद नहीं दे सकता। क्योंकि यह शब्द बहुत छोटा है। पूरी उम्मीद [...]
सम्पादकीय : माफिया का खेल और माननीय न्यायालय
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस निर्णय, जिसमें अदालत ने प्रदेश में भूमि खरीद की सीमा तय करने के लिये बने कानून को निरस्त कर दिया था, पर रोक लगाने से उत्तराखंड आन्दोलनकारियों और सभी प्रबुद्ध लोगों ने राहत की साँस ली है। उत्तराखंड हाईकोर्ट का फैसला आते ही भू माफिया की बाँछें खिल [...]
कटुता नहीं रहती राजीनामा से मुकदमा निपटाने पर
न्यायालयों में मुख्यतः दो प्रकार के मुकदमे होते हैं, आपराधिक और दीवानी। आपराधिक मुकदमों का निस्तारण दण्ड प्रक्रिया संहिता में परिभाषित मजिस्ट्रेट या सेशंस न्यायालय करते हैं। कभी कुछ विशेष अधिनियमों के अधीन कुछ विशेष प्रकार के अपराधों, जैसे आतंकवाद के लिए टाडा कोर्ट आदि की सुनवाई के लिए विशिष्ट न्यायालयों का भी गठन होता [...]
इन फैसलों से उम्मीदें बढ़ रही हैं
हम तो रोशनी की उम्मीद ही खो चुके थे दूर अब एक दिया टिमटमाता दिखा है दिये की यह टिमटिमहाट आग बनेगी उम्मीद की यह लौ दिल में फिर जली है। उक्त लाइनें किसी शायर की शायरी नहीं। यह तो वह दर्द है जो आदत बन चुका था। एकाएक देश के सर्वोच्च न्यायालय से कुछ [...]
अस्तित्व के लिये संघर्षरत जनता होगी लाभान्वित उच्च न्यायालय के फैसले से
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने टिहरी जिले की घनशाली तहसील में भिलंगना नदी पर ‘स्वाति पावर इंजीनियरिंग लि.’ द्वारा बनाई जा रही जल विद्युत परियोजना की केन्द्र सरकार से पुनर्समीक्षा कर तीन माह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। मार्च 2004 में जब स्वाति पावर इंजीनियरिंग अपनी फौजफर्रा व बुल्डोजर लेकर फलिण्डा पहुँची [...]
किसी और माँ को यह दर्द न मिले
रमा पाण्डे ‘‘गणतंत्र अपने बच्चों को मारने की इजाजत नहीं देता।’’ सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय मेरे लिए एक उम्मीद की किरण की तरह है। मैं अपने बेटे के हत्यारों को फाँसी के फंदे पर लटका हुआ देखना चाहती हूँ। उन अनेक लोगों के लिए यह फैसला थोड़ा अजीब होगा, जो अब तक केवल एक [...]
कंचन की मानिन्द निखर कर आये प्रकाश पंत
बाईस साल तक अग्निपरीक्षा से गुजरने के बाद अन्ततः अल्मोड़ा के पत्रकार प्रकाश चन्द्र पंत कंचन की मानिन्द निखर कर सामने आये। मई 1988 में उन्होंने अपने समाचार पत्र ‘अल्मोड़ा टाइम्स’ में ‘एक रहस्य जानें सभी’ तथा ‘हे ईश्वर तूने तो देखा होगा’ शीर्षक से दो रपटें प्रकाशित कीं। ये रपटें राजकीय बालिका निकेतन अल्मोड़ा [...]
कटाल्डी खनन प्रकरण: खनन माफियाओं के साथ न्यायपालिका से भी संघर्ष
टिहरी गढ़वाल के कटाल्डी खनन विरोधी आन्दोलन से जुड़े वन पंचायत सरपंच कलम सिंह खड़का, स्व. कुँवर प्रसून व मेरे सिर पर पाँच साल से न्यायालय की कथित अवमानना के जुर्म की सिविल जेल की सजा लटकती रही, जिसे जिला न्यायाधीश टिहरी गढ़वाल ने अन्ततः 25 अक्टूबर 2009 को निरस्त कर दिया। 2002 के आरंभ [...]
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