‘‘गाँव के स्तर पर संस्कृतिकर्मियों का एक नेटवर्क बनना चाहिये’’
कपिलेश भोज (गतांक से आगे) कपिलेश:- आपने अपने गीत में कहा है- ‘भोट माङणी च्वाख-चुपाड़ा जतुक छन/रात-स्यात सबनै की जेडि़या भै नाल।/उनरै सुकरम त पिड़ै रैईं आज/ आजि जाँणि अघिलि काँ जाँलें पेड़ाल !!’’…मौजूदा दौर में आपको किनसे उम्मीद है ? गिर्दा:- मित्र, रास्ता तो जनसंघर्षों का ही है। अन्ततः तो आपकी आस्था जनसंघर्षों पर [...]
रामनगर में जीवंत हुई पहाड़ की लोकसंस्कृति
प्रगतिशील सांस्कृतिक पर्वतीय समिति द्वारा आयोजित 19वें बसंतोत्सव में पहाड़ की लोकसंस्कृति के अनेक रंग देखने को मिले। प्रदेश के कोने-कोने से आए लोक कलाकारों ने ऐतिहासिक संस्कृति व पौराणिक लोक गाथाओं पर आधारित नृत्य नाटिकाओं का मंचन कर दर्शकों को भाव विभोर किया। बीते 19 सालों से समिति बगैर सरकारी मदद के जन सहयोग [...]
उत्तराखण्ड की एक और प्रतिभा पद्मश्री से सम्मानित
हल्द्वानी के नवाबी रोड स्थित आनन्दधाम निवासी 86 वर्षीय डॉ. डी.डी. शर्मा को इस वर्ष पद्मश्री के अलंकरण से सम्मानित किया गया है। 2011 के वर्ष इस सम्मान से नवाजे गए, उत्तराखण्ड के वे अकेले व्यक्ति हैं। उन्हें अलंकृत होने की खबर से जम्मू कश्मीर से लेकर अरुणाचल तक फैले हुए हिमालयी राज्यों के कलमजीवियों [...]


























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