मुझे अपनी माँ में दिखता था बेटी का चेहरा
26 नवम्बर 2007 को माँ ने मेरी गोद में अंतिम सांस ली। अभी-अभी पांच मिनट पहले उसने मेरे सिर और गालों को एक हाथ से सहलाया था और मेरी गोद का सहारा लिया था। मगर अब उसका निस्तब्ध शरीर मेरे सामने था और सर मेरी गोद में। मैं उसे निहारते हुए सैंतालीस साल पूर्व की [...]
त्रिलोचन के बिना
बीते 9 दिसम्बर को प्रगतिशील हिन्दी कविता का चौथा कोना भी सूना हो गया। शमशेर बहादुर सिंह, नागार्जुन, केदारनाथ अग्रवाल के बाद अब त्रिलोचन शास्त्री भी नहीं रहे। 91 वर्ष की वयोवृद्धता के अलावा वे काफी समय से बीमार भी थे। उत्तराखंड से त्रिलोचन का निकट संपर्क रहा और उनकी छोटी पुत्रवधू सुश्री उषा सिंह [...]
नैन सिंह: वह उत्तराखंड के जनसंघर्षों की बुनियाद था
तो खस्टी (षष्ठीदत्त जोशी) के बाद 7 अक्टूबर को नैनसिंह भी चला गया……65 साल की उम्र में। जाहिर है कि नैनसिंह का जाना कोई बड़ी खबर नहीं हो सकती थी। वह तो उन लोगों में था, जिनके दम पर खबर बनाने वाले लोग बनते हैं…… नींव का पत्थर! तो उसके दम पर जो खबरों में [...]
आशल-कुशल अक्टूबर 2007
बरसात के तत्काल बाद एकदम ठंड के उतर आने से पहाड़ अब जाड़ों की तैयारी में जुट गये हैं। धुमाकोट के बहुप्रचारित चुनाव के निपट जाने के बाद भी प्रदेश की खंडूरी सरकार बहुत गतिशील नहीं हो पायी है। नैनीताल बिंदुखत्ता क्षेत्र में पुलिस की शह पर चल रहे कच्ची शराब के अवैध व्यापार से [...]
शेरपाओं ने हिम समाधि ली
पिंडारी ग्लेशियर हिम संग्राहक क्षेत्र के दाहिनी ओर स्थित छाँगुछ शिखर (6322 मी.) अभियान में कैम्प 3 में एवलांच आ जाने से दार्जिलिंग निवासी अंगछीना शेरपा व मीयका शेरपा की मौत हो गयी तथा उनका एक साथी पिंबा शेरपा घायल हो गया। भारतीय पर्वतारोहण संस्थान के तत्वावधान में भारतीय नौ सेना के सदस्यों सहित 18 [...]
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