आशल कुशल – फरवरी 2008
शीत का प्रकोप इस वर्ष जोरों पर है। लगातार गिर रहे तापमान ने लोगों के होश उड़ा दिये हैं। हालाँकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में ठीक-ठाक वर्षा हुई है, लेकिन अधिकांशतः वर्षा अभी औसत से नीचे ही है। राजनीति इन दिनों पौड़ी लोक सभा उपचुनाव के आसपास ठहर कर रह गई है। नैनीताल जनपद में [...]
परिसीमन से उबला गुस्सा
‘‘हाथी तो निकल गया है, अब केवल उसकी पूँछ हमारे हाथ में है। क्या हम उसे खींच कर वापस ला सकते हैं?’’ यह सवाल उत्तराखंड के दिल्ली के प्रवासियों ने 20 जनवरी को प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में, राज्य विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्रों के परिसीमन के संदर्भ में अपनी हताशा व्यक्त करते हुए पूछा। [...]
आशल-कुशल अक्टूबर 2007
बरसात के तत्काल बाद एकदम ठंड के उतर आने से पहाड़ अब जाड़ों की तैयारी में जुट गये हैं। धुमाकोट के बहुप्रचारित चुनाव के निपट जाने के बाद भी प्रदेश की खंडूरी सरकार बहुत गतिशील नहीं हो पायी है। नैनीताल बिंदुखत्ता क्षेत्र में पुलिस की शह पर चल रहे कच्ची शराब के अवैध व्यापार से [...]
छात्रसंघ के रणबाँकुरों से थर्रायी दून घाटी
छात्र राजनीति में बढ़ती गुंडागर्दी पर गत 7 सितम्बर को सर्वोच्च न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर विश्वविद्यालय, महाविद्यालय परिसरों में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव पर दो छात्रों ने याचिका दायर कर कहा था कि चुनाव से पहले ही विश्वविद्यालय परिसर का माहौल बिगाड़ [...]
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