अल्मोड़ा़ त्रासदी: बचाई जा सकती थीं कुछ जानें
38 जानें, 4015 लोग बेघर, 9 घायल, 83 पशुहानि और 1500 से अधिक मकानों को भारी नुकसान। यह प्रथम दृष्ट्या ब्यौरा है अकेले अल्मोड़ा जनपद में बारिश की भारी तबाही के बाद। एक सप्ताह से हो रही मूसलाधार बारिश ने 18 व 19 सितम्बर को जनपद में भारी तबाही मचाई। अल्मोड़ा नगर से सटे देवली [...]
सम्पादकीय : धैर्य, सहनशीलता और सूझ-बूझ दिखायें
लगातार होती वर्षा के बाद पिछले पखवाड़े उत्तराखंड में जो तबाही हुई, वह अभूतपूर्व है। एक ईमानदार सरकार, चुस्त और फुर्तीले प्रशासनतंत्र तथा नियम-कानूनों का अक्षरशः पालन करने वाले नागरिकों के समाज में भी इतनी बड़ी त्रासदी का असर जल्दी समाप्त हो जायेगा, ऐसा नहीं सोचा जा सकता। फिर हमारे देश में तो स्थितियाँ ठीक [...]
मेरे बच्चे सोये चार : गिर्दा
फिर आयी वर्षा ऋतु लाई नव जीवन जल धार। कृषि प्रधान भारत में उजड़े फिर कितने घर बार? कितने जनगण गाड़ बग गये? कितने गौं-घर घाट लग गये? कितने भगीरथों के सर से गुजरी गंगा धार? तुम क्या जानो तुम तो ठहरे भारत की सरकार कि हमरे बच्चे सोये चार। उन्तीस जून सन् चौरासी की [...]
चलिये, अब सोच-समझ कर आगे बढें
इस पखवाड़े उत्तराखंड में आयी आपदा अभूतपूर्व है…… हमारी पीढ़ी की स्मृति में एकमात्र और अनूठी! हिमालय की नाजुक और कमजोर पहाड़ियों का टूटना और बगना कोई नयी बात नहीं है। यहाँ प्रकृति का कोप कभी भी, कहीं भी दैवी आपदाओं को जन्म दे सकता है। पिछले चालीस सालों को देखें तो 1967 में आज [...]
बस दुर्घटना ने खोली आपदा प्रबंधन की कलई
गोपेश्वर से कर्णप्रयाग जा रही खचाखच भरी बस यूए 11-0654 9 जुलाई को सुबह 10 बजे चमोली से पाँच किलोमीटर आगे कुहेड़ गाँव के समीप अनियंत्रित होकर अलकनंदा में जा गिरी, जिसमें 5 महिलाओं तथा 4 पुरुषों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। घायल तीन बच्चों में से एक की अस्पताल लाते समय तथा [...]
आपदा राहत कोष की बंदरबाँट
पिछले साल तक वीआईपी सीट का दर्जा रखने वाली धुमाकोट विधानसभा के दिन अब लद गए हैं। पौड़ी जनपद में इस वर्ष आपदा राहत कोष की दो करोड़ रुपये की बंदरबाँट में पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचन्द्र खण्डूरी की विधानसभा धूमाकोट के हाथ सबसे कम 14.79 लाख की धनराशि लगी और 45.26 लाख रुपये पाकर मुख्यमंत्री की [...]




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