लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2011:: वर्ष :: 35 :December 1, 2011 पर प्रकाशित
उत्तराखंड राज्य बने 11 वर्ष पूरे हो गये। जो प्रदेश जनता द्वारा सुदीर्घ आन्दोलन और दर्जनों प्राण न्यौछावर कर प्राप्त किया गया हो, उसके स्थापना दिवस पर वैसा ही उत्साह दिखाई देना चाहिये था, जैसा दीवाली या ईद जैसे त्यौहारों पर होता है। लेकिन आम जनता द्वारा इस महत्वपूर्ण दिन की पूरी तरह उपेक्षा करना [...]
Posted in सम्पादकीय | Tagged gairsain, gairsain capital movement, uttarakhand forming day, uttarakhand sthapna divas, राज्य प्राप्ति आन्दोलन, सम्पादकीय |
लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 23 || 15 जुलाई से 31 जुलाई 2011:: वर्ष :: 34 :August 16, 2011 पर प्रकाशित
एम.सी. पांडे देखी है आपने कभी उकाब की स्वच्छंद उड़ान? उससे अच्छा सर्वेक्षक नहीं है। मैं सौभाग्यशाली था कि मैं नैनीताल में जन्मा। मैंने देखी है उकाब की उड़ान चील चक्कर अति लुभावने सर्पिल मोड़ से, उड़ते हुए पर्वतों की ऊँची चोटियों से ऊपर। सात दशक पार करने के पश्चात अब मेरी दशा रामायण के [...]
Posted in विविध | Tagged bio gas, capital shifting, future, gairsain, knowledge tips, new generation, thoughts, पर्यावरण |
लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 08 || 01 दिसंबर से 14 दिसंबर 2010:: वर्ष :: 34 :January 20, 2011 पर प्रकाशित
ये कैसी राजधानी है ? ये कैसी राजधानी है ? हवा में ज़हर घुलता है, औ’ जहरीला सा पानी है ये कैसी राजधानी है…. शरीफों की कहानी को यहाँ कोई नहीं सुनता यहाँ सब की जुबानों पर दबंगों की कहानी है। ये कैसी राजधानी है…. अगर जीना है तो सुन लो यहाँ झुकना जरूरी है [...]
Posted in कविताऐं-छंद-शेर | Tagged chandan singh negi, gairsain, gairsain capital movement, poem |
लेखक : जगमोहन रौतेला :: अंक: 08 || 01 दिसंबर से 14 दिसंबर 2010:: वर्ष :: 34 :January 19, 2011 पर प्रकाशित
किसी समाज, सभ्यता के लिये परिवर्तन के हिसाब से एक दशक का समय कम नहीं होता है। जब हर दिन हमारे जीवन में कुछ न कुछ बदलाव आ रहे हों तब एक दशक का समय किसी भी रूप में कम नहीं होता। कालातीत हो चुके समय में जो कुछ भी घटित हुआ, उसका विश्लेषण सामाजिक, [...]
Posted in विविध | Tagged development, gairsain, gairsain capital movement, moral values, ten years of Uttarakhand |
लेखक : धरमवीर परमार :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2010:: वर्ष :: 34 :January 10, 2011 पर प्रकाशित
‘कलचुण्डी चिड़िया’ गढ़वाली लोकबोली के अनुसार ‘दीन रात नहेण धुएण कर दी छौ-कर दी, छौ, सब्या बोदीं काली छै, काली छै, काली छै।’ की धुन पर आधारित यह गीत उत्तराखण्ड राज्य व गैरसैंण राजधानी के लिये शहीद हुए साथियों की कल्पना को साकार करने हेतु समर्पित है – दीन रात एकि बात बोल्दि छौं, टक्क [...]
Posted in कविताऐं-छंद-शेर | Tagged gairsain, gairsain capital movement, poem, uttarakhand |
लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 06 || 01 नवंबर से 14 नवंबर 2010:: वर्ष :: 34 :December 28, 2010 पर प्रकाशित
प्रवीण कुमार भट्ट इस पखवाड़े उत्तराखंड राज्य के गठन को दस साल पूरे हो जायेंगे। एक दशक के इस सफर में कई बुनियादी और बड़े सवाल पीछे छूट गये हैं जिनका हल खोजा जाना अभी बाकी है। इन्हीं में से एक सवाल उत्तराखंड की असली राजधानी का भी है। पृथक राज्य की लड़ाई के साथ [...]
Posted in जन आन्दोलन, राज्य प्राप्ति आन्दोलन | Tagged apna uttarakhand dot com, gairsain, gairsain capital movement, merapahad, merapahad dot com, narendra singh negi |
लेखक : हरीश चन्द्र चंदोला :: अंक: 05 || 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2010:: वर्ष :: 34 :December 6, 2010 पर प्रकाशित
उत्तराखंड में अतिवृष्टि को समाप्त हुए दो सप्ताह के लगभग हो गया है, किन्तु अभी तक जन-धन हानि, घरों के गिरने, सड़कों के टूटने, पुलों के बहने और खेतों के ध्वस्त होने के विश्वसनीय आँकडे़ नहीं आये हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री खजान दास के अनुसार 80,000 मकान क्षतिग्रस्त हुए, जबकि राज्य सरकार का कहना था [...]
Posted in आपदा, विविध | Tagged capital shifting, disaster-management, gairsain, natural disaster, rain menace in uttarakhand, आपदा |
लेखक : पुरुषोत्तम असनोड़ा :: अंक: 21 || 15 जून से 30 जून 2010:: वर्ष :: 33 :June 28, 2010 पर प्रकाशित
तेरहवें वित्त आयोग द्वारा उत्तराखंड की विधानसभा हेतु 88 करोड़ रुपया स्वीकृत किये जाने के बाद गैरसैंण में विधानसभा भवन बनाये जाने की माँग जोर पकड़ रही है। हालाँकि काँग्रेस में सांसद सतपाल महाराज के अलावा कोई बड़ा नेता इस माँग से नहीं जुड़ सका है। भाजपा ने तो इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन [...]
Posted in गैरसैण राजधानी आन्दोलन, जन आन्दोलन | Tagged gairsain, gairsain capital movement |
लेखक : जगमोहन रौतेला :: अंक: 09 || 15 दिसंबर से 31 दिसंबर 2009:: वर्ष :: 33 :December 22, 2009 पर प्रकाशित
सत्ता से बाहर होते ही नेता जनभावनाओं की बात करने लगते हैं, भले ही सत्ता में रहते हुए वही जनभावना उन्हें राजनैतिक साजिश नजर आती हो। कुछ ऐसा ही हाल आजकल हमारे पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खण्डूरी का है। पिछले दिनों अपने थराली, देवाल, चमोली और बागेश्वर दौरे में उन्होंने कहा कि राजधानी बनाने का [...]
Posted in विविध | Tagged b c khanduri, capital shifting, gairsain, politics |
लेखक : हरीश चन्द्र चंदोला :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2009:: वर्ष :: 33 :November 21, 2009 पर प्रकाशित
यह कैसा राज्य है जिसका काम-काज नौ साल से अस्थायी, कोने में पड़ी राजधानी से चल रहा है और जिसे पता ही नहीं कि कब, कहाँ उसकी राजधानी बनेगी ? इन नौ सालों में उत्तराखंड में चार सरकारें बनीं, जिनमें से एक ने भी स्थायी राजधानी के बारे में लोगों से बातचीत नहीं की। सभी [...]
Posted in विविध | Tagged capital shifting, gairsain |
पृष्ठ 1 कुल 2 पृष्ठों में..पृष्ठ : 12»
आपकी टिप्पणीयाँ