नैनीताल में पहली बार एक फिल्म समारोह सम्पन्न हुआ
नवम्बर का पहला सप्ताह नैनीताल में फिल्म और छायाचित्रों के लिये यादगार रहा। नगर में हो रहे फिजूलखर्च और आलीशान शरदोत्सव के बीच ही यहाँ 7-8 नवम्बर 2009 को पहली बार एक फिल्म उत्सव का आयोजन किया गया। नैनीताल में यह अपनी तरह का पहला आयोजन था जिसे एन.एस. थापा और नेत्र सिंह रावत को [...]
‘बलिया’ नाम जलधार
(इस गीत की प्रेरणा-नाल और तर्ज बहुप्रचलित पारम्परिक होली-‘नदी यमुना के तीर कदम चढ़ि कान्हा बजै गयो बाँसुरिया’ से सीधे-सीधे जुड़ी है।) नदी वार, तट पार चलो रे करें यात्रा नदियों की। हाँ! करें यात्रा नदियों की। कहाँ से उपजी कहाँ समाई कहाँ भई जलधार चलो रे करें यात्रा नदियों की। ‘ताल’ से उपजी, ‘गौला’ [...]
है किसका अधिकार नदी पर
(धुन-नदी जमुना के तीर कदम चढ़ी) चलो नदी तट वार चलो रे चलो नदी तट पार चलो रे,करें यात्रा नदियों की नदी वार तट पार चलो रे,करें यात्रा नदियों की इन नदियों के अगल-बगल ही जीवन का विस्तार,चलो रे करें यात्रा नदियों की आज इन्हीं नदियों के ऊपर पड़ी है मारामार, चलो रे करें यात्रा [...]
मेरि कोसि हरै गे कोसि
जोड़ – आम-बुबु सुणूँ छी गदगदानी ऊँ छी रामनङर पुजूँ छी कौशिकै की कूँ छी पिनाथ बै ऊँ छी मेरि कोसि हरै गे कोसि। कौशिकै की कूँ छी मेरि कोसि हरै गे कोसि।। क्या रोपै लगूँ छी मेरि कोसि हरै गे कोसि। क्या स्यारा छजूँ छी मेरि कोसि हरै गे कोसि।। घट-कुला रिङू छी मेरि [...]
आपकी टिप्पणीयाँ