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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 9, 2010 पर प्रकाशित
विनीत फुलारा/धीरज पाण्डे नैनीताल के निकट भीमताल में हरेला पर्व को सौ साल पहले से भी अधिक समय से मेले के रूप में मनाया जाता है। विगत दशकों में बहुत सारे बदलाव देख चुके यहाँ के बुजुर्गों के अनुसार बाजार के अभाव में आजादी से पहले लोग व्यापार के लिये यहाँ आते थे। व्यापारी घोड़ों [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 9, 2010 पर प्रकाशित
प्रस्तुति : किशोर जोशी चंपावत जिला मुख्यालय के सुदूरवर्ती और विकास की दृष्टि से बेहद पिछड़े गाँव ओखलढूंगा निवासी वरिष्ठ पत्रकार उमेश जोशी का अचानक दुनियां से विदा होना मीडिया जगत ही नहीं पहाड़ के गाँवों के विकास को संघर्षरत संगठनों को भी करारा झटका है। उनके ‘न धूम्रपान न मद्यपान, बस ज्योतिष विद्या है [...]
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लेखक : प्रेम पंचोली :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 9, 2010 पर प्रकाशित
टिहरी रियासत के प्रजामण्डल एवं आजादी के बाद उत्तर प्रदेश की अन्तरिम सरकार में विधायक रहे पत्ती दास का पिछले पखवाड़े अपने पैतृक गाँव धारी (उत्तरकाशी) में निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे। वे अपने पीछे पूरा-भरा परिवार छोड़ गये हैं। उनकी अस्थियाँ हरिद्वार में उनके सुपुत्र सहसपुर के विधायक राजकुमार ने विसर्जित [...]
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लेखक : गजेन्द्र नौटियाल :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 9, 2010 पर प्रकाशित
घनशाली में नैलचामी गाड़ और भिलंगना का संगम है जिसे चव्वा कहा जाता था। यही चव्वा आसपास के गाँवों का श्मशान घाट था तो गाँवों में गाली थी कि ‘हे मात चौव्वा बुझौला थ्वै।’ लेकिन हमने इतना विकास किया है कि चौव्वा का श्मशान खुद हमें अपने पास बुला रहा है। आज चौव्वा श्मशान घाट [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 8, 2010 पर प्रकाशित
प्रस्तुति : गौरव नौडियाल कुछ समय पहले तक श्रीनगर से आगे बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाते हुए नदी का विहंगम दृश्य एक अलग तरह का आनंद देता था। लेकिन अब इस पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ गई है और शुरू हो गया है हमारे प्राकृतिक संसाधनों को हड़पने का एक घिनौना खेल। जहाँ कभी हरियाली [...]
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लेखक : विनीता यशस्वी :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 7, 2010 पर प्रकाशित
चन्द्रावती महाविद्यालय काशीपुर में बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा मीना गोला की 4 अक्टूबर 2009 को रहस्यमयी ढंग से हुई मृत्यु को लेकर पुलिस द्वारा कोई भी कार्रवाही न किये जाने से तमाम कोशिश कर चुके मीना के साथी अब देहरादून के गांधी पार्क में अनशन कर रहे हैं। मीना गोला स्वतंत्र खयालों की युवती [...]
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लेखक : महेश जोशी :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 7, 2010 पर प्रकाशित
10 जून को हुई इस ग्रीष्म की पहली बारिश ने नैनीताल को स्वच्छ व सुन्दर बनाए रखने के दावों को झुठला दिया। करीब दो घंटे की इस मूसलाधार बारिस से नालों, सड़कों, पैदल मार्गों का तमाम कूड़ा-कचड़ा, वैध-अवैध रूप से बने भवनों का नालों में पड़ा मलवा बहकर झील में समाने के साथ ही मालरोड [...]
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लेखक : पंकज शर्मा :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 7, 2010 पर प्रकाशित
विख्यात जनकवि बाबा नागार्जुन के 100वें जन्मदिवस ज्येष्ठ पूर्णिमा से ‘नागार्जुन शताब्दी वर्ष’ का शुभारम्भ किया गया है। इसी कड़ी में बाबा की प्रिय प्रवास-स्थली जयहरीखाल में लैन्सडाउन पुस्तकालय समिति के तत्वावधान में लैन्सडाउन में ‘नागार्जुन स्मृति व्याख्यानमाला’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि, सुप्रसिद्ध हिन्दी कवि वीरेन डंगवाल ने बाबा की [...]
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लेखक : जगमोहन रौतेला :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 1, 2010 पर प्रकाशित
घनसाली के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का संकट इस कदर बढ़ा कि गत 17 मई 2010 को 18 घंटे तक पानी के स्रोत पर लगी लम्बी लाइन में खड़ी चार महिलायें बैशाखी देवी, छौंपाड़ी देवी, रुशना देवी तथा यशोदा देवी भूख प्यास के कारण बेहोश होकर गिर पड़ी। इसी तरह जून माह में देवप्रयाग विधानसभा [...]
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लेखक : ए.पी. घायल :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :July 31, 2010 पर प्रकाशित
उत्तराखण्ड के पहाड़ी जिलों में चकबन्दी की माँग को लेकर विगत तीन दशकों से संघर्षरत पौड़ी गढ़वाल की असवालस्यूँ पट्टी के ग्राम सूला निवासी गणेश सिंह नेगी ‘गरीब’ गाँव-गाँव भ्रमण कर लोगों को लामबंद कर रहे हैं। पेश है उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश। सवाल:- अधिकांश जनता चकबंदी से अनभिज्ञ है, ऐसा क्यों ? [...]
Posted in विशेषांक, हरेला-अंक | Tagged agriculture, chakbandi, ganesh singh gareeb, ganesh singh negi, harela edition 2010, land issues, land reforms |
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