लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2011:: वर्ष :: 35 :September 15, 2011 पर प्रकाशित
1-14 अगस्त 2011 के अंक में जनयात्रा की दूसरी किस्त पढ़ी। प्रथम कॉलम में लिखा है….‘बैठक में धूम सिंह नेगी, विजय जड़धारी जैसे पुराने संघर्षशील साथियों के साथ बीना सजवाण जैसे जन प्रतिनिधि भी मौजूद थे…’ स्पष्ट नहीं हो सका कि बीना सजवाण कैसी जनप्रतिनिधि हैं। इसे लेखन/संपादन की अस्पष्टता कहें या व्याकरण की दृष्टि [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 23 || 15 जुलाई से 31 जुलाई 2011:: वर्ष :: 34 :August 15, 2011 पर प्रकाशित
प्रस्तुति : घनश्याम विद्रोही आज भी हरेला त्यौहार के दिन पौध लगाने का रिवाज पहाड़ में प्रचलित है। लोग अपने घरों में पौध लगाना नहीं भूलते। यदि यह सिलसिला साल भर चले तो पहाड़ पूरी तरह हरा-भरा हो जाए। यही संदेश मंडलसेरा के वृक्ष प्रेमी किशन सिंह मलड़ा लोगों को दे रहे हैं। उन्हें पौंधारोपण [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 23 || 15 जुलाई से 31 जुलाई 2011:: वर्ष :: 34 :July 31, 2011 पर प्रकाशित
प्रस्तुति : आलोक साह गंगोला स्वस्ती श्री सर्वोपमा योग्य नैनीताल समाचार वालों को हरेला भेज रहे हैं। आशा है स्वीकार करेंगे और सुधी पाठक प्रवर को भी हमारी शुभकामनाओं के साथ पहुँचा देंगे। यो दिन यो हरेला बरस-बरस ऊनै रून रीतिरिवाज निभूणे रून। यो पाती इन्तजार रूनेरे भै। याँ आशल कुशल सब ठीक ठाक छू। [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 9, 2010 पर प्रकाशित
विनीत फुलारा/धीरज पाण्डे नैनीताल के निकट भीमताल में हरेला पर्व को सौ साल पहले से भी अधिक समय से मेले के रूप में मनाया जाता है। विगत दशकों में बहुत सारे बदलाव देख चुके यहाँ के बुजुर्गों के अनुसार बाजार के अभाव में आजादी से पहले लोग व्यापार के लिये यहाँ आते थे। व्यापारी घोड़ों [...]
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लेखक : विनीता यशस्वी :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 7, 2010 पर प्रकाशित
चन्द्रावती महाविद्यालय काशीपुर में बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा मीना गोला की 4 अक्टूबर 2009 को रहस्यमयी ढंग से हुई मृत्यु को लेकर पुलिस द्वारा कोई भी कार्रवाही न किये जाने से तमाम कोशिश कर चुके मीना के साथी अब देहरादून के गांधी पार्क में अनशन कर रहे हैं। मीना गोला स्वतंत्र खयालों की युवती [...]
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लेखक : महेश जोशी :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 7, 2010 पर प्रकाशित
10 जून को हुई इस ग्रीष्म की पहली बारिश ने नैनीताल को स्वच्छ व सुन्दर बनाए रखने के दावों को झुठला दिया। करीब दो घंटे की इस मूसलाधार बारिस से नालों, सड़कों, पैदल मार्गों का तमाम कूड़ा-कचड़ा, वैध-अवैध रूप से बने भवनों का नालों में पड़ा मलवा बहकर झील में समाने के साथ ही मालरोड [...]
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लेखक : पंकज शर्मा :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :August 7, 2010 पर प्रकाशित
विख्यात जनकवि बाबा नागार्जुन के 100वें जन्मदिवस ज्येष्ठ पूर्णिमा से ‘नागार्जुन शताब्दी वर्ष’ का शुभारम्भ किया गया है। इसी कड़ी में बाबा की प्रिय प्रवास-स्थली जयहरीखाल में लैन्सडाउन पुस्तकालय समिति के तत्वावधान में लैन्सडाउन में ‘नागार्जुन स्मृति व्याख्यानमाला’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि, सुप्रसिद्ध हिन्दी कवि वीरेन डंगवाल ने बाबा की [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :July 28, 2010 पर प्रकाशित
प्रस्तुति : माया पाण्डे कुमाऊँ में हरियाला वर्ष में तीन बार मनाने का प्रचलन है- चैत, आश्विन एवं सावन के महिने में। चैत के महिने में नवरात्रि में देवी के नाम से हरियाला बोया जाता है। सावन में शिव-पार्वती की पूजा के प्रतीक डिकारे बनाये जाते हैं। शिव-पार्वती को हरित आसन में बैठने के लिये [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :July 24, 2010 पर प्रकाशित
प्रस्तुति : विनोद पाण्डे हमारे यहाँ आमतौर पर विज्ञान उसी को कहा जाता है, जो विज्ञान की परिभाषाओं, प्रयोगशालाओं, आधुनिक शोध पत्रों, खोजों व खर्चीले संसाधनों के अंर्तगत हो। हमारी जीवन पद्धति, कृषि, परम्परागत ज्ञान, लोक चिकित्सा ज्ञान आदि विषयों को ‘आधुनिक विज्ञान’ में एक दकियानूसी से अधिक नहीं माना जाता है। हालाँकि इन विषयों [...]
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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 23 || 14 जुलाई से 31 जुलाई 2010:: वर्ष :: 33 :July 24, 2010 पर प्रकाशित
श्रावण संक्रान्ति के दिन पड़ने वाले हरेला पर्व, जब सूर्य कर्क रेखा को उन्मुख होता है, का कुमाऊँ प्रान्तर में बड़ा महत्व है। माना जाता है कि इस ऋतुपर्व के बहाने काश्तकार अपने बीज की गुणवत्ता और मिट्टी की उर्वरा शक्ति की परख करते थे। औपनिवेशिक शासन और आजादी के एक ‘अंधे युग’ में हम [...]
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