इस तरह भटकती है पत्रकारिता !
पत्रकारिता में आज दो तरह के लोग हैं। एक वे जो कुछ करना चाहते हैं और लगातार खबरों की खोज में रहते हैं। जनहित के सवालों और मुद्दों को उठाते हैं। आम आदमी के संघर्षों में उसके साथ खड़े रहते हैं। दूसरे वे लोग हैं जो खबरों की खोज में नहीं रहते बल्कि खबरों को [...]
हिन्दुस्तान के मीडिया की इनसाईड स्टोरी
प्रस्तुतकर्ता : प्रियदर्शन गलाकाट होड़ के बावजूद चैनलों के बीच एक अघोषित सहमति है कि वे किसी भी प्रकार के मामले में एक दूसरे के खिलाफ नहीं बोलेंगे। जानी-मानी टीवी कंपनी टीवी-18 ने अभी हाल में अपने बिजनेस समाचार चैनलों से एक झटके में 200 से ज्यादा मीडियाकर्मियों को निकाल दिया। इनमें काफी संख्या में [...]
पहाड़ की चिन्ता उन्हें महानगर से वापस खींच लाई !
दुर्गम परिस्थितियों में रोजगार की तलाश में निकला एक युवक जन संघर्षों की समझ को विकसित करते, मार्क्स-लेनिन की थ्योरी को समझते, मजदूरों के आंदोलन को आगे बढ़ाते ‘यायावर’ बन जाता है। चन्द्रसिंह ‘यायावर’ 21 नवम्बर को कैंसर की असाध्य बीमारी से जूझते, जीर्ण तन किंतु स्वस्थ मन लिए हमसे विदा हो गए। मई 2007 [...]
सर्वसम्मति की असहमति !
हरिद्वार स्थानीय प्रेस क्लब पर काबिज होने की पत्रकार संगठनों की महत्वाकांक्षा में इस बार भी चुनाव की धुरी को पूर्व की भाँति कुछ इस तरह घुमाया गया कि सार्वजनिक तौर पर सर्वत्र सर्वसम्मति का संदेश तो गया, लेकिन महत्वपूर्ण पदों के प्रबल दावेदार अन्दर ही अन्दर सिसकते नजर आये। कथित सर्वसम्मति के बाद एक [...]
पत्रकार एसोसिएशन का सम्मेलन
ग्रामीण पत्रकार एसोसिशन के चौथे वार्षिक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए विधान सभा अध्यक्ष हरवंश कपूर ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ बताया। देहरादून में 15 फरवरी 2008 को हुए ग्रामीण पत्रकार एसोसियेशन के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कपूर ने कहा कि आपात्काल के दौरान कई अखबारों ने [...]
पत्रकार की शामत
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमले बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में बिहार के एक विधायक अनंत कुमार की गुंडागर्दी तथा पत्रकार के साथ मारपीट का नजारा सभी ने टीवी पर देखा। इधर देहरादून में पत्रकारों के साथ अमरमणि त्रिपाठी के समर्थकों तथा जेल कर्मचारियों के दुर्व्यवहार को ज्यादा समय नहीं बीता था कि रामनगर [...]
जातिवादी सोच में अबला का दर्द भी दब गया
उत्तराखंड में समाज के तमाम वर्ग धर्म व जातिवाद के गहरे दलदल में समाते जा रहे हैं। अब तो पत्रकारिता भी इससे अछूती नहीं रही। पत्रकारिता के निःस्वार्थ और मिशन होने का दावा कुछ पत्रकारों की करनी से नेपथ्य में जाने लगा है। इस भयानक बुराई के चलते बागेश्वर का एक पत्रकार पिछले दिनों बर्बाद [...]
पर्वतीय पत्रकार एसोसिएशन का अधिवेशन सम्पन्न
पर्वतीय पत्रकार एसोसियेशन के गैरसैंण में 1-2 नवम्बर 07 को संपन्न द्वितीय प्रांतीय अधिवेशन में पत्रकारों को तहसील व ब्लॉक स्तर पर मान्यता देने, प्रत्येक तहसील में प्रेस भवन बनाने, दीक्षित आयोग को भंग कर गैरसैंण को राजधानी घोषित करने तथा बी.एम.बी. मोटर मार्ग को तलवाड़ी व नारायणबगड़ गैरसैंण मोटर मार्ग का निर्माण शीघ्र करने [...]
छिः… कैसे-कैसे पत्रकार !
शिव की नगरी बागेश्वर आजकल पत्रकारों के कृत्यों से शर्मसार है। जनता भी उदासीनता छोड़ कर धीरे-धीरे ऐसे पत्रकारों की काली करतूतों के खिलाफ लामबंद होने लगी है। ताजा घटनाक्रम में पुलिस ने बीते दिनों नगर के एक प्रतिष्ठित होटल से दो पत्रकारों के साथ एक नाबालिग लड़की को आपत्तिजनक अवस्था में छापे के दौरान [...]
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