सच्चाई के लिये जूझ रहा है एक वकील
‘‘ससुर पर लगे बहू की हत्या के आरोपों के पाप को मैं धोना चाहता हूँ….यही मेरी मृतात्मा को श्रद्धांजलि होगी। मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। मेरा काम बस सच को सामने लाना है…..मैं तथ्यों की कड़ी जोड़ रहा हूँ……उत्तराखंड तो देव भूमि हुई…..देवता भी यहाँ न्याय करने वाले हुए।’’ ये कहना है एडवोकेट [...]
मैं इस सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं करती
‘‘भाई की हत्या के मामले में सीबीआई जांच के आदेश के बाद एक अजीब सा सुकून मिला। बहुत दिन बाद लगा की शोर मचाकर भी कई चीजें असर करतीं हैं। अपने भाई की लड़ाई लड़ने के लिए विजय दा, भुप्पी दा को मैं धन्यवाद नहीं दे सकता। क्योंकि यह शब्द बहुत छोटा है। पूरी उम्मीद [...]
सम्पादकीय : न्यायालय और स्वस्थ लोकतंत्र
पिछले दिनों सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ ऐसे निर्णय दिये हैं, जिससे न्यायपालिका की गिरती हुई छवि साफ हुई है और उसे पुनः प्रतिष्ठा मिली है। छत्तीसगढ़ में सलवा जुडूम को खत्म कर एस.पीएओ. से हथियार वापस लेने, ग्रेटर नोएडा में प्राधिकरण को किसानों से अधिग्रहीत जमीन को वापस करने और आयोडीनयुक्त नमक को खत्म करने [...]
सम्पादकीय: गरीबों से सहानुभूति रखना ही जुर्म है इस देश में
रायपुर के सेशन जज द्वारा पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सुप्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बिनायक सेन को राजद्रोह के मामले में दंडित किये जाने की घटना की जितनी भी निन्दा की जाये, वह कम है। हमारे देश में आजादी के बाद भ्रष्टाचार की एक लम्बी परम्परा रही है। हाल के [...]
कटाल्डी खनन प्रकरण: खनन माफियाओं के साथ न्यायपालिका से भी संघर्ष
टिहरी गढ़वाल के कटाल्डी खनन विरोधी आन्दोलन से जुड़े वन पंचायत सरपंच कलम सिंह खड़का, स्व. कुँवर प्रसून व मेरे सिर पर पाँच साल से न्यायालय की कथित अवमानना के जुर्म की सिविल जेल की सजा लटकती रही, जिसे जिला न्यायाधीश टिहरी गढ़वाल ने अन्ततः 25 अक्टूबर 2009 को निरस्त कर दिया। 2002 के आरंभ [...]
‘कैंपेन फार ज्यूडिशियल एकांउटेबिलिटी एण्ड रिफार्म्स’ का तीसरा राष्ट्रीय अधिवेशन
मानवाधिकारों और नागरिक स्वतंत्रताओं के प्रति ‘न्यायिक जवाबदेही और सुधार अभियान’ (कैम्पेन फॉर ज्यूडिशियल एकाउण्टेबिलिटी एण्ड रिफॉर्म्स) का दो दिनी तीसरा राष्ट्रीय अधिवेशन 6-7 फरवरी, 2010 को नेहरू स्मारक पुस्तकालय, तीन मूर्ति भवन,नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ। देश भर के विभिन्न संगठनों और आन्दोलनों के 200 से ज्यादा लोगों ने इसमें भागीदारी की। इस अधिवेशन [...]
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