लेखक : प्रभात उप्रेती :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2011:: वर्ष :: 35 :December 1, 2011 पर प्रकाशित
‘एक्टिविस्ट आफ वॉलेन्टरी एक्शन फार डवलपमेंट आफ ह्यूमेनिटी, लखनऊ’ से प्रकाशित और शैलेन्द्र कुमार द्वारा लिखित ’कुमाऊँ: एक परिचय’ (पृष्ठ 338) एक परिचयात्मक पुस्तक है। विविधता से भरी यह पुस्तक साहित्य में रुचि रखने वालों को भी भली लगेगी। यथा मौलाराम का वर्णन तो ऐसा लगता है जैसे ग़ालिब की प्रारम्भिक स्थिति का वर्णन हो [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 03 || 15 सितंबर से 30 सितंबर 2011:: वर्ष :: 35 :October 2, 2011 पर प्रकाशित
लेखक: उत्तराखंडवासी, प्रस्तुति: ताराचन्द्र त्रिपाठी, सौजन्य: ब्रिटिश लाइब्रेरी, लन्दन (यह लेख सन् 1920 में डाँग श्रीनगर निवासी श्री गोविन्दप्रसाद घिल्डियाल, बी.ए. डिप्टी कलेक्टर, उन्नाव द्वारा लिखित और विश्वंभरदत्त चन्दोला द्वारा गढ़वाली प्रेस, देहरादून से प्रकाशित पुस्तक ’गढ़वाली राजपूतों की सैनिक सेवा’ के परिशिष्ट 2 के रूप में प्रकाशित है। लेख के अन्त में लेखक ने [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 15 || 15 मार्च से 31 मार्च 2011:: वर्ष :: 34 :April 14, 2011 पर प्रकाशित
मैं सर्वप्रथम ‘नैनीताल समाचार’ के द्वारा किए गए आपके कार्य की प्रशंसा करती हूँ। जहाँ आप अपने आस-पास व दूर-दराज के क्षेत्र जहाँ पहुँचना सबके लिए सम्भव नहीं है, वहाँ की खबरों को पाठकों तक पहुँचाते हैं। वाकई यह प्रशंसा योग्य है। पिछले एक वर्ष से मैं आपके समाचार की नियमित पाठक रही हूँ। आपको [...]
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लेखक : उदय किरौला :: अंक: 20 || 01 जून से 14 जून 2010:: वर्ष :: 33 :June 8, 2010 पर प्रकाशित
विभिन्न अंचलों के अपने-अपने लोकनृत्य होते हैं। कुमाऊँ का लोकनृत्य छोलिया नृत्य कहा जाता है। इस नृत्य को करने वालों को छोल्यार कहा जाता है। यह नृत्य प्रायः पुरुषों द्वारा किया जाता है। यह नृत्य यहाँ श्रृंगार व वीर रस दो रूपों में देखने को मिलता है। कुमाऊँ के पाली पछाऊँ में प्रचलित छोलिया नृत्य [...]
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