अफसोस कि सरकार भूमाफियाओं के साथ खड़ी है
विद्या भूषण रावत उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में प्रदेश सरकार से एक वर्ष के भीतर उधमसिंह नगर के एस्कॉर्ट फार्म की सीलिंग कानून के तहत घोषित की गई 1163.42 एकड़ का नियमानुसार प्रबंधन करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बारिन घोष और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की खंडपीठ ने यह निर्णय नई [...]
खेती किसानी की लूट का असली चेहरा
डॉ. ब्रह्मदेव शर्मा* हमारे देश में जमीन धीरे-धीरे बाजार की वस्तु बनती गई है। यह साफ है कि आगे-पीछे जमीन किसान के हाथ से निकल जायेगी और पुलपुले हाथों वाले पैसे वालों के पास चली जायेगी। अपने चारों ओर हो रही घटनाओं के आधार पर तो हम यह कही रहे थे कि जिसमें बाजार की [...]
इन बिल्डरों पर किसी का बस नहीं
नैनीताल के आसपास की कुछ नीची पहाड़ियों पर पर्यटन विकास के नाम पर कृषि भूमि को रातोंरात व्यावसायिक बनाकर उनमें होटल और बिक्री के लिये कॉटेज बनाये जा रहे हैं। भीमताल का ज्यादातर क्षेत्र ऐसे भवनों से ढँक चुका है। रामगढ़, धारी विकासखण्डो में बड़े बिल्डरों ने पहाड़ियों पर निर्माण जारी रखा है। इन लोगों [...]
तराई में खूनी जंग के आसार
थारुओं की जमीन का मामला भारत-नेपाल सीमा से लगी तराई की पट्टी में थारू एवं गैर थारू लोगों के बीच वर्षों से चला आ रहा भूमि विवाद गहराता जा रहा है। जनजाति के लोग मानते हैं कि गैर थारू भू-माफिया ने ऊँची राजनैतिक पहुँच और दादागिरी के बूते उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया है। [...]
भू माफियाओं को अब नहीं सहेंगे पहाड़ के लोग
राज्य बनने के बाद उत्तराखंड के ग्रामीण अंचलों में बिल्डरों की एवं भूमाफियाओं की बाढ़ सी आ गई है। जमीन की कीमतों में वृद्धि होने के कारण लोगों ने अपनी बेशकीमती जमीनों को इनके हवाले कर दिया है। गाँवों की कृषि भूमि एवं फल पट्टियाँ कंक्रीट के जंगल में तब्दील हो रही हैं। जमीनों की [...]
जमीन को लेकर शुरु हो सकती है खून की होली
सितारगंज से लगभग दो किलोमीटर दूर मुख्य सड़क के किनारे की लगभग तीन एकड़ भूमि पर कुछ अतिक्रमणकारियों ने हाल में कब्जा करने का प्रयास किया। खड़ी गेहूँ की फसल के बीचों-बीच पड़ी झोपड़ी से निकाल कर मजदूरों की पिटाई करके झोपड़ी में रखा तमाम समान बर्तन, बिस्तर आदि वे लूट के ले गये तथा [...]
प्राग फार्म के पट्टे निरस्त कर उद्योगपतियों को देने की तैयारी तो नही
यहाँ तराई में पैर फैलाये काफी लम्बे समय से चर्चित एवं विवादित बड़े कृषि फार्मों के दिन लदते हुए दिखाई दे रहे हैं। तराई के आबाद न होने के कारण पूर्व में तराई की यह जमीनें अंग्रेज सरकार बहादुर द्वारा सेना के सेवा निवृत्त अधिकारियों, महानगरों के बड़े उद्योगपतियों और उन सभी लोगों को फरोकदिली [...]
रामगढ़ के नौजवान माफिया की सरपरस्ती में जी रहे हैं
प्रस्तुति : बची बिष्ट नैनीताल का एक खूबसूरत इलाका रामगढ़ है और वहाँ से आगे मुक्तेश्वर तक ऊँची चोटियां हैं। इस इलाके में दुत्कानेधार, सतबुँगा, सूपी, लोद, गल्ला जैसे कई गाँव बसे हैं। यहाँ के निवासियों के जीवनयापन का साधन है सेब, आड़ू, खुबानी, नाशपाती के छोटे-छोटे बाग और आलू, गोभी, मटर इत्यादि सब्जियों का [...]
समस्या का समाधान नहीं है भू अध्यादेश
कांग्रेस सरकार द्वारा दो बार, पहला 12 सितम्बर 2003 को और दूसरा 15 जनवरी 2004 को, भू अध्यादेश लाये जाने के बाद भाजपा की खंडूरी सरकार भी 2 मई 2007 को एक नया भू अध्यादेश ले आई। क्या माना जाये कि राज्य की राजनीति में जमीन का सवाल सचमुच प्राथमिकता में आ गया है ? [...]
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