चिट्ठी पत्री : भ्रष्टाचार की गंगोत्री लबालब बह रही है और असली गंगोत्री संकट में
मुख्य पृष्ठ पर ऐरी जी के नाम पर कमीशनखोरी 30 प्रतिशत। वह आज उ.प्र., दिल्ली व सब राज्यों में है, ऐसा मेरा मानना है। उत्तराखंड का आपका पत्र है, सो आपने छाप दिया। कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना। कमीशनखोरी पर आपने पहले इश्यू में भी लिखा है। ठेकेदारों व अफसरों की गिरफ्त में। यह [...]
स्वस्ती श्री: पीकदान, दीपदान और बागनाथ
पीकदान की जगह दीपदान जहाँ एक ओर पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी को बचाये रखने हेतु ‘नैनीताल स्वच्छता दिवस’ की मुहिम छिड़ी हुई थी, समाज का हर व्यक्ति पर्यावरण को बचाये रखने हेतु अलग-अलग तरीके ढूँढ रहे थे और प्रशासन द्वारा झील संरक्षण हेतु एरियेशन किया जा रहा था, वहीं शहर की एक धन-बल से शक्तिशाली संस्था [...]
चिट्ठी पत्री: गायब हो गया मेरा गाँव बड़गूँ
गायब हो गया मेरा गाँव बड़गूँ ‘नैनीताल-समाचार’ के तीस वर्ष पूरे होने पर हार्दिक बधाई ! ‘ग्राम गणराज्य विशेषांक’ पढ़कर अपने गाँव ‘बड़गूँ’ की याद आयी जो पलायन के कारण आज पिथौरागढ़ जनपद के नक्शे से गायब हो चुका है। ‘बड़गूँ’ शब्द से स्पष्ट है कि 1960 ई. तक वह पिथौरागढ़ जनपद का सबसे बड़ा [...]
चिठ्ठी पत्री: नराई कैसे फेरें, सम्पादक ज्यू ?
नराई कैसे फेरें, सम्पादक ज्यू ? पिछला अंक बौरारौ घाटी पर बहुत सुंदर लगा। कई बार उधर होकर गुजरा हूँ। कौसानी व बैजनाथ का सौंदर्य 1991 में देखा भी था। हमारे बेरीनाग दातव्य औषधालय में गरुड़ के श्री चामू सिंह बूढ़ाकोटी मेरे बचपन के समय दीर्घकाल तक डॉक्टर रहे। समाज को चिकित्सा व दिशा देते [...]
चिट्ठी पत्री: नारी तुम केवल श्रद्धा हो?
पर्यटन के क्षेत्र में कौन पहाड़ी है ? हरेला पर अच्छी सामग्री आई है। उत्तराखंडमें सभी चिंतकों, पदाधिकारियों और वैज्ञानिकों को आज आवश्यक हो गया है कि मिल बैठ कर पर्यावरण, वन संपदा, कृषि, बागवानी, जड़ी बूटी, जल सम्पदा, साहित्य संस्कृति, लोक कला, शिक्षा, स्वास्थ्य और तमाम जन जीवन, व्यवस्था और व्यवहार पर भली प्रकार [...]
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