मनुष्य के पक्ष में खड़ा होना ही जनपक्षधरता है
प्रस्तुति : राजीव जोशी साहित्य, संगीत, कला जैसे विविध क्षेत्रों में रचनात्मकता का माहौल तैयार करने और जनपक्षीय साहित्य की समझ पैदा करने के उद्देश्य से 18 व 19 जून को पिथौरागढ़ के नगरपालिका सभागार में ‘रचनात्मक शिक्षक मण्डल’ व ‘विहान’ परिवार की ओर से ‘सृजनोत्सव 2010’ का आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्य वक्ता [...]
कौसानी में जुटे देश भर के साहित्यकार
साहित्य को समाज का दर्पण यूं ही नहीं कहा जाता बल्कि समाज के बीच से ही कोई व्यक्ति अपने समाज के सुख-दुःख को अपनी भावनाओं में अभिव्यक्ति देता है और श्रेष्ठ साहित्य का जन्म होता है। इतिहास साक्षी है कि वर्षों से साहित्य समाज का प्रमुख अंग बना हुआ है। आज के बदलते दौर में [...]
निशंक की कथाकृतियाँ
प्रस्तुति : किरीट मन्द्रियाल मेरे सामने समीक्षा के लिए रखे हैं तीन उपन्यास, जिनके लेखक हैं रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, जो उत्तराखंड की वर्तमान सरकार में केबिनेट मंत्री भी हैं। पहली निगाह डालते ही जिस बात ने सबसे ज़्यादा आकर्षित किया, वह है किताबों के फ्लैप पर लेखक का परिचय। इस परिचय में लेखक के मंत्री [...]
हमारा समाज और साहित्य में महिलायें
प्रस्तुति : शीला रजवार महिला समाख्या, हिन्दी विभाग कुमाऊँ विश्व विद्यालय तथा महादेवी सृजन पीठ, उमागढ़, नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में एक त्रिदिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘हमारा समाज और साहित्य में महिलाएं’ विषय पर केन्द्रित गोष्ठी का उद्देश्य समाज में महिलाओं की स्थिति से साहित्यकारों से रूबरू कराना तथा यह आँकलन करना था [...]
नैनीताल में कथा साहित्य का ‘संगमन’
प्रस्तुति : भाष्कर महादेवी वर्मा सृजन पीठ, कुमाऊँ विश्वविद्यालय व कानपुर की साहित्यिक संस्था ‘संगमन’ के तत्वावधान में नैनीताल के राज्य अतिथि गृह (नैनीताल क्लब) व रामगढ़ में 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक हुए एक विशिष्ट आयोजन में रचनाकारों व आलोचकों द्वारा कथा साहित्य से सम्बन्धित जरूरी मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ। प्रथम दिन [...]
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