चन्द्रकला तिवारी की रिहाई
राष्ट्रद्रोह के आरोप में करीब सवा साल से अधिक समय तक जेल में कैद रहने के बाद सामाजिक कार्यकर्त्री चन्द्रकला तिवारी को 7 मई को जमानत पर रिहा कर दिया गया। उनकी रिहाई पर 10 मई को क्रांतिकारी जनवादी मोर्चा आर.डी.एफ. द्वारा उनका फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। अपनी प्रेस वार्ता में चन्द्रकला ने बताया [...]
उत्तराखंड में माओवाद या माओवाद का भूत ? !!
उत्तराखंड में माओवाद का कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। अब तक इस तरह की कोई वारदात नहीं हुई है। पुलिस जासूसी उपन्यासों की तर्ज पर कुछ कहानियाँ बना कर पकड़-धकड़ कर रही है तो उसकी मजबूरियाँ हैं। केन्द्र से माओवाद को नियंत्रित करने के नाम पर जो पैसा मिलना है, उसका लालच बहुत बड़ा है। [...]
महात्मा, माओवाद और मोदी
पोरबंदर…. पहली बार गुजरात आने का सुयोग मिला तो तय किया कि अपनी यात्रा वहीं से शुरू करूँगा, जहाँ से 140 वर्ष पहले महात्मा गाँधी ने अपनी जीवन यात्रा शुरू की थी। उस वक्त तो जेहन में यह भी नहीं था कि वह तो 30 जनवरी का मौका होगा और हो सकता है कि गुजरात [...]
जन आन्दोलनों पर माओवाद का ठप्पा लगाने का प्रयास
उत्तराखंड में बन रही जल विद्युत परियोजनाओं ने पर्यावरण को ही नहीं उत्तराखंड के आम जन जीवन को भी नारकीय बना दिया है। इसका लाभ सिर्फ राजनेता व ठेकेदारों को ही मिल रहा है। उत्तराखण्ड के आम आदमी के जीवन में खुशहाली तथा बड़े बाँधों का जबाव देने के लिये उत्तराखण्ड लोक वाहिनी व आजादी [...]
नेपाल में नया सूर्योदय
पड़ोसी देश नेपाल में एक नया सूर्योदय हो रहा है। संविधान सभा के लिये 10 अप्रेल को हुए चुनाव में नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) अन्य सभी दलों से बढ़त बना कर पूर्ण बहुमत प्राप्त करने की स्थिति में पहुँच गई है। माओवादियों की इस सफलता की उम्मीद नेपाल अथवा नेपाल के बाहर किसी को नहीं [...]
पुलिस को तो मालूम ही नहीं कि प्रतिबंधित क्या है
माओवाद के नाम पर उत्तराखंड में जनता के साथ कैसा छल किया जा रहा है, इसकी बानगी हमें तब मिली, जब हमने सूचना के अधिकार के तहत प्रदेश के गृह विभाग से प्रतिबंधित साहित्य आदि के बारे में कुछ जानकारियाँ माँगी और गृह विभाग को संतोषजनक जवाब देते नहीं बन पड़ा। इस जवाब से प्रदेश [...]
प्रशान्त राही के बाद अब खीमराज सिंह को प्रताड़ित करती पुलिस
6 जनवरी को मेरे पास एक फोन आया, ‘‘मैं खीमा का पिता बोल रहा हूँ सोमेश्वर से। क्या नहीं पहचान रहे हो ?’’ पहली मर्तबा मैं सचमुच नहीं पहचान पाया था। फोन करने का कारण पूछा तो काँपती आवाज में बोले, ‘‘पुलिस वाले रोज दबिश दे रहे हैं और कह रहे हैं कि खीमा को [...]
जबरन माओवाद का भूत पैदा कर रही है उत्तराखंड सरकार
माओवाद के नाम पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न, उनके घरों में आतंकित करने वाले छापे मारने का क्रम जारी है। प्रशान्त राही को रिहा करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने अभी कुछ भी नहीं किया है, जबकि इस प्रकरण में उसे बार-बार कटघरे में खड़ा किया गया है। देहरादून में हुए एक प्रेस सम्मेलन [...]


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