सिर्फ समारोह मनाने मात्र से नहीं बच सकेगी उमेश डोभाल की परम्परा
25 मार्च की तिथि आती है तो उत्तराखंड के पत्रकार, रचनाधर्मी किसी एक स्थान पर एकत्र होकर पत्रकार उमेश डोभाल के नाम पर नारा लगाना नहीं भूलते कि ‘उमेश डोभाल एक व्यक्ति नहीं, एक धारा थी एक धारा है’। अब से बीस वर्ष पूर्व इसी पच्चीस मार्च को पौड़ी का पत्रकार उमेश डोभाल जन सरोकारों [...]
अब मीडिया से संचालित हो रहे हैं त्यौहार
पिछले पांच सालों में जिस तेजी से स्थानीय स्तर के समाचारों का चस्का गली-मोहल्लों में लगा है, उसने अब हमारे त्यौहारों को भी समाचार बना डाला है। समाचार होना अच्छी बात है लेकिन पेज रंगीन करने वाली पत्रकारिता के हाथों त्यौहारों का संचालन निश्चित रूप से तमाशा बनकर एक दिन सबको चिढ़ायेगा। जिसकी शुरूआत हो [...]
सर्वसम्मति की असहमति !
हरिद्वार स्थानीय प्रेस क्लब पर काबिज होने की पत्रकार संगठनों की महत्वाकांक्षा में इस बार भी चुनाव की धुरी को पूर्व की भाँति कुछ इस तरह घुमाया गया कि सार्वजनिक तौर पर सर्वत्र सर्वसम्मति का संदेश तो गया, लेकिन महत्वपूर्ण पदों के प्रबल दावेदार अन्दर ही अन्दर सिसकते नजर आये। कथित सर्वसम्मति के बाद एक [...]
पत्रकार एसोसिएशन का सम्मेलन
ग्रामीण पत्रकार एसोसिशन के चौथे वार्षिक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए विधान सभा अध्यक्ष हरवंश कपूर ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ बताया। देहरादून में 15 फरवरी 2008 को हुए ग्रामीण पत्रकार एसोसियेशन के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कपूर ने कहा कि आपात्काल के दौरान कई अखबारों ने [...]
मौसम के पूर्वानुमान को लेकर बहुत गंभीर नहीं है मीडिया
ऐसी चर्चा है कि इस शताब्दी में ग्लोबल वॉर्मिंग के प्रभावों के कारण ग्लेशियर समाप्त हो जायेंगे तथा जीवनदायिनी गंगा विलुप्त हो जायेगी। समुद्रतटीय शहर समुद्र में डूब जायेंगे। ग्लोबल वॉर्मिंग एक विश्वव्यापी समस्या बनती जा रही है। एक रेडियो न्यूज के अनुसार सियाचिन में ग्लेशियर आज भी 10 वर्ष पूर्व स्थिति में हैं। उनमें [...]
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