लेखक : जगमोहन रौतेला :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2011:: वर्ष :: 35 :December 1, 2011 पर प्रकाशित
लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार की गंभीरता का अंदाजा ढोलवादक मोलूदास की असमय मौत से लगाया जा सकता है। अपने चहेतों को यूँ ही लाखों रुपए दे देने वाली सरकार को उनके इलाज की सुध भी नहीं आई। मोलूदास को लकवा पड़ने के बाद श्रीनगर के बेस अस्पताल में भर्ती करवाया गया। [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2011:: वर्ष :: 35 :December 1, 2011 पर प्रकाशित
दयानन्द अनन्त/मोहन लाल साह एक साल हो गया इस 26 नवम्बर को विवेकानन्द ढौंडियाल का देहान्त हुए। वे इतने चुपचाप इस दुनिया से गये कि नैनीताल के उनके पड़ौसियों को तक पता नहीं चला…. विवेकानन्द ढौंडियाल पुत्र पूर्णानन्द ढौंडियाल का जन्म नैनीताल में 8 दिसम्बर 1933 को हुआ। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा नैनीताल के गोशाला प्राइमरी [...]
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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2011:: वर्ष :: 35 :December 1, 2011 पर प्रकाशित
सूरज कर्नाटक पर क्या और कैसे लिखूँ, यह सोचते-सोचते एक पखवाड़ा निकल गया और समाचार का एक अंक भी। जो परिचित पिछले बीस-पच्चीस साल से मुझे रोज वंशी चौधरी की दुकान से पान लेते और एक पान नियमित रूप से बगल में सूरज को खिलाते हुए देखते रहे हैं, वे ताज्जुब कर रहे होंगे कि [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 06 || 01 नवंबर से 14 नवंबर 2011:: वर्ष :: 35 :November 15, 2011 पर प्रकाशित
पिछले लगभग डेढ़ माह में हमने साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े तीन महत्वपूर्ण व्यक्तियों को खोया – नैनीताल समाचार की शुरूआत से जुड़े केवल कृष्ण ढल, वयोवृद्ध साहियत्यकार डॉ. हरिदत्त भट्ट ‘शैलेश’ तथा पत्रकारिता के भीष्म पीतामह राधाकृष्ण वैष्णव। नैनीताल समाचार परिवार की श्रद्धांजलि। भाग जाओ, मुझे सोने दो शायद यही उसके जीने का ढंग [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2011:: वर्ष :: 34 :May 11, 2011 पर प्रकाशित
सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी और लेखक-चिन्तक चमन लाल प्रद्योत का आत्मकथ्य ‘मेरा जीवन प्रवाह’ अपनी बेबाकी के कारण अपना एक अलग स्थान बनाता है। जिस बेलाग ढंग से उन्होंने अपने दाम्पत्य के बारे में लिखा है, वह साहस का काम है। लेकिन एक दलित व्यक्ति को समाज में किस तरह के संघर्षों से गुजर कर अपना [...]
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लेखक : शमशेर सिंह बिष्ट :: अंक: 16 || 01 अप्रेल से 14 अप्रेल 2011:: वर्ष :: 34 :May 8, 2011 पर प्रकाशित
एक जमाने के कुमाऊँ के प्रसिद्ध नक्सलवादी नेता बहादुर सिंह धपोला 10 मार्च 2011 को कोटमन्या में अपने स्थाई निवास में सुबह-सुबह योग करते हुए, अपने नश्वर शरीर को यहीं छोड़कर अपनी चिर स्थाई महायात्रा में चल दिये। यह खबर जब मिली तो यकीन नहीं हुआ क्योंकि आज भी 69 वर्ष की उम्र में 40 [...]
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लेखक : शंम्भू राणा :: अंक: 13 || 15 फरवरी से 28 फरवरी 2011:: वर्ष :: 34 :March 2, 2011 पर प्रकाशित
लोग बीबीसी इसलिए सुनते हैं कि उसमें सच्ची खबरें प्रसारित होती हैं। बीबीसी जो कहता है वह सच के सिवा कुछ नहीं होता…..। क्योंकि बीबीसी पर न कोई बन्धन है न दबाव। आम जन मानस में इस संस्था की यही छवि है। लेकिन इन दिनों बीबीसी पर एक ऐसी सूचना प्रसारित की जा रही है [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 11 || 15 जनवरी से 31 जनवरी 2011:: वर्ष :: 34 :January 29, 2011 पर प्रकाशित
उमा पंत अभी-अभी समाचार मिला कि गिरदा नहीं रहे। सत्तर-अस्सी के दशक में पति स्व. लेनिन पंत के डबल स्टोरी, न्यू राजेन्द्रनगर, नई दिल्ली, नैनीताल और फिर बाद में गोल मार्केट के फ्लैट में उनसे हुई चंद मुलाकातों के चलचित्र स्मृति में कौंध गये। आँखों में एक अजीब सी चमक और बातों में गर्म, छूता, [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 10 || 01 जनवरी से 14 जनवरी 2011:: वर्ष :: 34 :January 27, 2011 पर प्रकाशित
उर्मिल कुमार थपलियाल अब क्या जो कहूँ। कवि कहाँ रह जाते हैं। रह जाता है उनका कहा लिखा। तुम तो खैर हमारी वाचिक परम्परा के थे। लिखे से ज्यादा कहा और बोला हुआ रह जाता है स्मृति में। तुम तो वैसे भी हिंदी के पहाड़ी और पहाड़ी के हिन्दी-उर्दू कवि हुए। इतने सहज, सरल स्वाभाविक [...]
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लेखक : शंम्भू राणा :: अंक: 10 || 01 जनवरी से 14 जनवरी 2011:: वर्ष :: 34 :January 26, 2011 पर प्रकाशित
अल्मोड़ा शहर में दो-तीन सार्वजनिक जगहों पर ब्लैक-बोर्ड बने हैं। एक है बस स्टेशन पर, कचहरी को जाने वाली सीढ़ियों के नीचे। दूसरा लाला बाजार में किशन गुरुरानी की दुकान के आगे। तीसरा बावन सीढ़ी वाले चौराहे में सार्वजनिक मूत्रालय की दीवार पर। इस तीसरे ब्लैक-बोर्ड की एक कहानी है। जिसे थोड़ा रुक कर कहूँगा। [...]
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