आशल-कुशल : 01 नवंबर से 14 नवंबर 2009
इधर वर्षा विगत होकर शरद ऋतु आई और उधर मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने दीपावली के मौके को देखते हुए कर्मचारियों को वेतनलाभ के तोहफे तथा भाजपा के अपने 25 दिग्गजों को लालबत्ती का सुख देने वाले दायित्व बाँट दिये। मगर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने दिवाली के दस दिनों बाद ही बिजली दरों [...]
आशल-कुशल – 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2009
नए मुख्य मंत्री ‘निशंक’ नई कार्य संस्कृति के अपने वायदे के बारे में कुछ गंभीर अवश्य नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने असलियत का सामना करने की हिम्मत दिखाई। असलियत उनके सामने इस रूप में प्रकट हुई कि देहरादून में उन्हें अपने ही सचिवालय के अनेक विभागों में दिनदहाड़े ताले लगे हुए [...]
आशल-कुशल – अगस्त-सितंबर 2009
अप्रत्याशित रूप से भारी वर्षा के बाद पहाड़ों पर अब शरद की सुहावनी दस्तक पड़ गई है। पितृ पक्ष में लगातार चार-पाँच दिनों तक तेज बारिश से कई स्थानों पर भूमि स्खलन, पेड़ गिरने, जल भराव और अति वृष्टि से लोक हलकान रहे। कई स्थानों पर लोगों के डूबने-बहने के समाचार भी मिले। पहले सूखे [...]
आशल कुशल अगस्त-सितंबर 2009
मुख्य मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री, योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया के साथ भेंट कर पूर्वोत्तर राज्यों की भांति उत्तराखंड के लिए भी विशेष पैकेज की मांग की। राज्य के लिए इस साल की 5574.70 करोड़ रु. की योजना को मंजूरी दी गई। नदियों में वांछित जल स्तर न होने [...]
ये परियोजनायें तो महज पैसा कमाने के लिये हैं
27 जुलाई 2009 को जल स्तर बढ़ने से 330 मेगावाट की अलकनन्दा जलविद्युत परियोजना के अन्तर्गत निर्माणाधीन कॉफर डैम के ढह कर बह जाने पर उत्तराखण्ड के जलविद्युत विकास कार्यक्रम के विचारशील पर्यवेक्षकों को कोई आश्चर्य नहीं हुआ है। हमारे बीच में से कई लोग जो जी. वी.के. पावर एण्ड इनफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा बनाई जा [...]
एक लाख मरीज और अस्पताल खुद बीमार!
कोटद्वार (पौड़ी) स्थित स्व. चन्द्र मोहन सिंह नेगी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय बदहाल स्थिति में है। यहाँ जोड़-तोड़ कर किसी तरह क्षमता से अधिक मरीजों का उपचार किया जा रहा है। जिन मरीजों की आर्थिक स्थिति कुछ ठीक है, वे दुबारा यहाँ आना भी पसन्द नहीं करते। मगर निर्धन वर्ग के मरीजों के लिए अन्य कोई [...]
सम्मान तो आपको जनता ने दिया ही है पँवार जी!
गढ़वाली भाषा को मान्यता दिलाने के लिये पिछले डेढ़ दशक से लगातार अलख जगाने वाले गढ़वाली भाषा के युवा लिख्वार डॉ. वीरेन्द्र पँवार आजकल चर्चा के केन्द्र में हैं। पिछले कई महीनों से वे साहित्यिक एकान्तवास में हैं। पौड़ी के हर साहित्यिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम का अटूट हिस्सा रहने वाले पँवार इन दिनों ऐसे कार्यक्रमों [...]
साठ साल पुराने पौड़ी की यादें
मैं अपने गाँव दोलिंडा से 60 साल पहले पढ़ने के लिये पौड़ी आया था। तब पौड़ी छोटा और बहुत ही सुन्दर था। वहाँ तब दो हाईस्कूल थे, एक अमेरिकन प्रेसिबेटेरियन चर्च द्वारा संचालित मेसमोर और दूसरा डी. ए. वी.। मेसमोर पुराना और प्रसिद्ध था, जिसमें पढ़ने के लिये विद्यार्थी सुदूर सीमान्त क्षेत्रों तक से आते [...]
आशल कुशल – फरवरी 2008
शीत का प्रकोप इस वर्ष जोरों पर है। लगातार गिर रहे तापमान ने लोगों के होश उड़ा दिये हैं। हालाँकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में ठीक-ठाक वर्षा हुई है, लेकिन अधिकांशतः वर्षा अभी औसत से नीचे ही है। राजनीति इन दिनों पौड़ी लोक सभा उपचुनाव के आसपास ठहर कर रह गई है। नैनीताल जनपद में [...]
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