लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 08 || 01 दिसंबर से 14 दिसंबर 2011:: वर्ष :: 35 :December 16, 2011 पर प्रकाशित
ऐसा लगता है कि नैनीताल में तमाम असामाजिक तत्व संगठित हो गये हैं और यहाँ के स्थायी निवासियों ने अपनी बिखरती ताकत से हताश होकर चुप्पी साध लेना बेहतर समझ लिया है। किसी समाज के लिये आत्मघाती खामोशी से खतरनाक बात और कोई नहीं हो सकती। वर्ष 2010 में अनेक शिकायतें प्राप्त होने के बाद [...]
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लेखक : पुरुषोत्तम शर्मा :: अंक: 01-02 || 15 अगस्त से 14 सितम्बर 2011:: वर्ष :: 35 :September 19, 2011 पर प्रकाशित
पुरुषोत्तम शर्मा उत्तराखण्ड आपदा एवं पुनर्वास नीति 2011’ एकदम निराशाजनक है। इसमें भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने के लिए आधुनिक सूचना तकनीकी का अधिकतम इस्तेमाल और आपदा पीडि़तों के स्थायी पुनर्वास के साथ उनके पुश्तैनी रोजगार की सुरक्षा के मुद्दे अहम होने थे। अखिल भारतीय किसान महासभा [...]
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लेखक : पुरुषोत्तम शर्मा :: अंक: 19 || 15 मई से 31 मई 2011:: वर्ष :: 34 :June 2, 2011 पर प्रकाशित
12 मार्च को सदन में प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा पेश वर्ष 2011-12 के बजट में कुल अनुमानित वार्षिक बजट 19366.91 करोड़ रुपये में से योजनागत मद में मात्र 6564.29 करोड़ ही रखे गये हैं। बाकी 12802.62 करोड़ रुपये गैर योजनागत मद में हैं। यानी बजट का लगभग दो तिहाई खर्च इस शासन-प्रशासन को चलाने के [...]
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लेखक : गजेन्द्र पाठक :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2010:: वर्ष :: 34 :January 11, 2011 पर प्रकाशित
पिछले कई वर्षों से सूखा झेल रहे उत्तराखण्ड के लिये 2010 का साल खूब वर्षा लेकर आया। मगर एक बार जब वर्षा शुरू हुई तो उसने रुकने का नाम नहीं लिया। वर्षा के सारे कीर्तिमानों को ध्वस्त करते हुए इतना पानी बरसा कि उसे बाँधने की क्षमता जमीन, गाड़-गधेरों या नदियों में नहीं रही। मानव [...]
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लेखक : जगमोहन रौतेला :: अंक: 05 || 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2010:: वर्ष :: 34 :December 3, 2010 पर प्रकाशित
कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्या की खबरें अब तक विदर्भ और आन्ध्र प्रदेश आदि राज्यों से सुनते थे। परन्तु पिछले दिनों पौड़ी और पिथौरागढ़ से आई खबरों ने पहाड़ी किसानों की दयनीय आर्थिक स्थिति की ओर ध्यान खींचा है। यदि इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो यहाँ भी किसानों की आत्महत्यायें [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 04 || 01 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 2010:: वर्ष :: 34 :October 29, 2010 पर प्रकाशित
(सितम्बर तीसरे सप्ताह हुई अति वृष्टि के बाद महिला समाख्या ने नैनीताल जनपद के पाँच विकासखंडों का विस्तृत सर्वेक्षण किया। प्रस्तुत है उसकी प्रारंभिक रिपोर्ट। सर्वेक्षण अभी जारी है… – सम्पादक) जिला नैनीताल, विकासखंड – बेतालघाट, धारी, रामगढ़, ओखलकांडा, रामनगर आपदा प्रभावित ग्राम सभायें: 64 , आपदा प्रभावित ग्राम तोक: 103 , आपदा प्रभावित परिवार: [...]
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लेखक : कैलाश चन्द्र पपनै :: अंक: 04 || 01 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 2010:: वर्ष :: 34 :October 28, 2010 पर प्रकाशित
माटू जन संगठन ने भारी वर्षा के बाद टिहरी बांध क्षेत्र में पैदा हुए गंभीर संकट के लिए टिहरी जल विद्युत निगम (टी.एच.डीसी. ) और उत्तराखंड सरकार को दोषी ठहराया है। भागीरथी और भिलंगना के संगम पर बने इस बाँध से आसपास रहने वाले लोगों पर गंभीर संकट मँडरा रहा है। ‘माटू’ ने एक वक्तव्य [...]
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लेखक : हरीश जोशी :: अंक: 19 || 15 मई से 31 मई 2010:: वर्ष :: 33 :May 24, 2010 पर प्रकाशित
सरकार की नजरों में महत्वाकांक्षी कही जा रही ‘भारत साक्षर परियोजना’ की संभावनाओं का आकलन करने से पहले जरूरी है बीते दो दशक के इतिहास को समझा जाये। भारत सरकार की इमदाद से उत्तर प्रदेश के जमाने में इस पर्वतीय भूभाग में भी करोड़ों की लागत में संपूर्ण साक्षरता अभियान संचालित किया गया। महज अल्मोड़ा [...]
Posted in विविध, शिक्षा | Tagged education aid, education system in uttarakhand, government policies, mismanagement, policy |
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