खंडूरी क्या भा.ज.पा. को जिता पाएँगे?
भाजपा ने चुनाव की मंझदार में नावें बदल दीं। अब विधान सभा चुनाव में इतना कम समय बचा है कि किसी भी मुख्यमंत्री के लिये अपने काम अथवा नीतियों द्वारा अपनी पार्टी को जिताना आसान नहीं होगा। दो महीने बाद आचार संहिता लागू हो जायेगी। यह सही है कि अवकाश प्राप्त मेजर जनरल मुवन चंद्र [...]
तो लौट आये खंडूरी !
तो कवि-साहित्यकार निशंक जी गये और जनरल साहब एक बार फिर से उत्तराखंड की गद्दी पर आ विराजे। इसका क्या अर्थ लगाया जाये ? भारतीय जनता पार्टी वाले कह रहे हैं कि नहीं, भ्रष्टाचार के कारण निशंक को नहीं हटाया गया। भ्रष्टाचार के कारण नहीं हटाया गया तो विधानसभा चुनाव से पाँच महीने पहले ऐसी [...]
स्वस्ती श्री: बड़े भाई निशंक जी, दिल दुखने का अर्थ तो समझते ही होंगे….!!
परम श्रद्धेय निशंक जी, आपके मुख्यमंत्री बनने के बाद से मन बहुत दुःखी है। कारण यह कि जिन समस्याओं को लेकर हम बाकी मुख्यमंत्रियों की खिंचाई कर लेते थे, वह अब करना संभव नहीं है। एक तो बड़े भाई, ऊपर से कवि, साहित्यकार, रचनाकार, पत्रकार भी……। जो भी अंधेरगर्दी उत्तराखण्ड में हो रही है, उसके [...]
देखें इन अंत्योदय यात्राओं का क्या हस्र होता है….
मुख्यमंत्री की अन्त्योदय विकास यात्रा के दौरान हमें पिथौरागढ़ जिले के चार ब्लॉकों में जाने का मौका मिला। अस्कोट में मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे किसान महासभा के कार्यकर्ताओं को सभास्थल पर पहुँचने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस एवं एन.एस.यू.वाई. के नौजवानों को भी प्रशासन का कोपभाजन बनना पड़ा था। पहली [...]
पौड़ी में किया गया रचनाकर्म (ख)
अथ पौड़ी गाथा-7 पौड़ी नगर में 1981 से 1990 का दौर नये लेखकों का रहा। इससे पहले तक का लेखन पुरानी पीढ़ी के लोगों तक ही सीमित था। किन्तु उसके बाद पत्रकारिता व लेखन में नये रचनाकार सामने आने लगे। संक्रमण के इस दौर में सन्नाटे को सबसे पहले तोड़ने वाले रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ थे। [...]
सुनहरा कुछ भी नहीं है इस बजट में
12 मार्च को सदन में प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा पेश वर्ष 2011-12 के बजट में कुल अनुमानित वार्षिक बजट 19366.91 करोड़ रुपये में से योजनागत मद में मात्र 6564.29 करोड़ ही रखे गये हैं। बाकी 12802.62 करोड़ रुपये गैर योजनागत मद में हैं। यानी बजट का लगभग दो तिहाई खर्च इस शासन-प्रशासन को चलाने के [...]
मुख्यमंत्री की घोषणायें बेअसर
कुँवर भाकुनी उत्तराखण्ड राज्य बनने के बाद सोमेश्वर की बौरारौ घाटी में पदार्पण करने वाले डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ पहले मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने यहाँ स्टेडियम में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित बहु उद्देशीय शिविर में भाग लेने के अलावा एक विशाल जनसभा को संबोधित किया तथा राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए सरकारी योजनाओं का [...]
इन यात्राओं से हासिल क्या होगा ?
मुख्यमंत्री की विकास यात्रायें जारी हैं। इन यात्राओं पर भारी-भरकम खर्चा भी हो रहा है। लोगों से रू-ब-रू होने के बाद कुछ व्यक्तिगत माँगें तो सुलझती दिख रही हैं, लेकिन सार्वजनिक समस्याओं का हल न हो पाना चिन्ता का विषय है। जाहिरा तौर पर सीएम के दौरे से जनता खुश लग रही है। तालियों की [...]
सम्पादकीय : क्या यह चुनाव की तैयारी है?
अनेक राज्यों की तरह उत्तराखंड सरकार ने भी जनता को सस्ता अनाज उपलब्ध कराने की योजना 11 फरवरी से शुरू कर दी है। अटल खाद्यान्न योजना में बी.पी.एल. परिवारों को दो रुपया किलो गेहूँ तथा तीन रु. किलो चावल तथा ए.पी.एल. कार्डधारकों को तीन रु. किलो गेहूँ व छः रु. किलो चावल दिया जायेगा। निश्चित [...]
इस तरह छाया अखबारों में हमारा प्रदेश
दिल्ली के राष्ट्रीय अखबारों में उत्तराखंड की खबरें कम छपती हैं। लेकिन कुछ दिनों से उनका रेला सा आ गया है। सबसे हाल की खबर है देहरादून में 10 जनवरी को दक्षिण एशिया के शीतकालीन खेलों के उद्घाटन के समय हुई अव्यवस्था- आमंत्रित लोगों के लिए स्थान पर्याप्त न होना; अतिथियों का स्थान न पा [...]
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