चिट्ठी पत्री: जोर जबर्दस्ती से क्या सच्चाइयाँ छुपाई जा सकेंगी ?
कुमाऊँ विश्वविद्यालय के एस.एस. जीना परिसर अल्मोड़ा में ‘दखल’ द्वारा आयोजित पुस्तक मेले में पुस्तकों को पैरों से कुचलने का मामला स्तब्ध करने वाला है। उत्तराखंड देश में साक्षरता प्रतिशत के आँकड़ों में श्रेष्ठ है और यह राज्य के निवासियों के लिये गर्व का विषय है। परन्तु इसी राज्य में पुस्तकों को कुचलने की कार्यवाही [...]
चिट्ठी-पत्री : सरकार की मान्यता से जरूरी जनता की मान्यता है
‘नैनीताल समाचार’ के लिये यह गर्व का विषय है कि पिछले 30 वर्षों से जनता के बीच उसकी विश्वसनीयता लगातार बढ़ती गई है। राज्य बनने के बाद उत्तराखंड में समाचार पत्रों की ही नहीं, चैनलों की भी बाढ़ आ गई है। लेकिन ‘नैनीताल समाचार’ का महत्व कम नहीं हुआ। आज मुझे एक खबर की पुष्टि [...]
चिट्ठी-पत्री : जी रया जाग रया, ट्विंकल-टिविंकल लिटिल स्टार
आज ही नैनीताल समाचार का ताजा अंक मिला। सबसे पहले ढूँढा ‘ट्विंकल-टिविंकल लिटिल स्टार’। पिछले अंक जब भी पढ़ता था घर के लोग देखते बोलते आप क्या पढ़ रहे हैं। कभी हँस रहे हैं, कभी रोनी शक्ल बना लेते हैं। जितना संस्मरण को पढ़ कर बुरा लगा उतना ही इसे खत्म होने पर लग रहा [...]
चिट्ठी पत्री: नैनीताल समाचार दैनिक कब से होगा?
एक कॉपी सरकार व अन्य को भी भेजें नैनीताल समाचार का अंक 15 से 31 अक्टूबर 2007 पढ़ने का सुअवसर प्राप्त हुआ। पूरा अंक पढ़ने के बाद मुझे पहली बार ऐसा लगा कि अभी पत्रकारिता के तेवर सुरक्षित हैं। आपके पत्र में विज्ञापन न के बराबर हैं और आपकी रिपोर्ट इतनी आकर्षक, सरल व दृढ़ [...]
चिट्ठी पत्री : भ्रष्टाचार की गंगोत्री लबालब बह रही है और असली गंगोत्री संकट में
मुख्य पृष्ठ पर ऐरी जी के नाम पर कमीशनखोरी 30 प्रतिशत। वह आज उ.प्र., दिल्ली व सब राज्यों में है, ऐसा मेरा मानना है। उत्तराखंड का आपका पत्र है, सो आपने छाप दिया। कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना। कमीशनखोरी पर आपने पहले इश्यू में भी लिखा है। ठेकेदारों व अफसरों की गिरफ्त में। यह [...]
स्वस्ती श्री: पीकदान, दीपदान और बागनाथ
पीकदान की जगह दीपदान जहाँ एक ओर पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी को बचाये रखने हेतु ‘नैनीताल स्वच्छता दिवस’ की मुहिम छिड़ी हुई थी, समाज का हर व्यक्ति पर्यावरण को बचाये रखने हेतु अलग-अलग तरीके ढूँढ रहे थे और प्रशासन द्वारा झील संरक्षण हेतु एरियेशन किया जा रहा था, वहीं शहर की एक धन-बल से शक्तिशाली संस्था [...]
चिट्ठी पत्री: गायब हो गया मेरा गाँव बड़गूँ
गायब हो गया मेरा गाँव बड़गूँ ‘नैनीताल-समाचार’ के तीस वर्ष पूरे होने पर हार्दिक बधाई ! ‘ग्राम गणराज्य विशेषांक’ पढ़कर अपने गाँव ‘बड़गूँ’ की याद आयी जो पलायन के कारण आज पिथौरागढ़ जनपद के नक्शे से गायब हो चुका है। ‘बड़गूँ’ शब्द से स्पष्ट है कि 1960 ई. तक वह पिथौरागढ़ जनपद का सबसे बड़ा [...]
चिठ्ठी पत्री: नराई कैसे फेरें, सम्पादक ज्यू ?
नराई कैसे फेरें, सम्पादक ज्यू ? पिछला अंक बौरारौ घाटी पर बहुत सुंदर लगा। कई बार उधर होकर गुजरा हूँ। कौसानी व बैजनाथ का सौंदर्य 1991 में देखा भी था। हमारे बेरीनाग दातव्य औषधालय में गरुड़ के श्री चामू सिंह बूढ़ाकोटी मेरे बचपन के समय दीर्घकाल तक डॉक्टर रहे। समाज को चिकित्सा व दिशा देते [...]
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