लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2009:: वर्ष :: 33 :November 21, 2009 पर प्रकाशित
प्रस्तुति : ओम प्रकाश भट्ट देश भर के गांधीवादी व पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने नदियों के प्रवाह को उनके प्राकृतिक परिवेश में बनाये रखने का संकल्प लिया। नदियों की पवित्रता तथा पावनता को बनाये रखने व नदियों से पलने वाले लोगों के जीवन को बचाने के लिए पूरे देष में संघर्ष की रणनीति बनायी। यह तय [...]
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लेखक : त्रेपन सिंह चौहान :: अंक: 07 || 15 नवंबर से 30 नवंबर 2009:: वर्ष :: 33 :November 21, 2009 पर प्रकाशित
उत्तराखण्ड में सैकड़ों की तादाद में जल विद्युत परियोजनायें बन रही हैं। इन परियोजनाओं के दुष्परिणामों के बारे में समाज में एक व्यापक चिन्ता का भाव भी है। कुछ समय पूर्व शुरू हुए ‘नदी बचाओ आन्दोलन’ की एक प्रमुख माँग भी यह है कि इन परियोजनाओं को बन्द किया जाये, क्योंकि इनसे न सिर्फ पहाड़ [...]
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लेखक : भुवन जोशी :: अंक: 03 || 15 सितम्बर से 30 सितम्बर 2009:: वर्ष :: 33 :September 24, 2009 पर प्रकाशित
उत्तरकाशी जिले में स्थित 4,000 मीटर से लेकर 1,500 मीटर में स्थित गोमुख, भोजवासा, धराली, हर्शिल, दानपुर, रैंथल, दयारा, बड़कोट, नौगाँव, खलाड़ी, पुरोला क्षेत्रों के एक सामान्य अध्ययन से पता चला कि यहाँ का जन जीवन दिन प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। निरीह ग्रामीण विकराल होती आपदाओं के शिकार हो रहे हैं। साथ ही [...]
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लेखक : विशेष प्रतिनिधि :: अंक: 20 || 01 जून से 14 जून 2008:: वर्ष :: 31 :June 14, 2008 पर प्रकाशित
अन्ततः नदी बचाओ अभियान के दबाव में आकर उत्तराखंड शासन को आन्दोलनकारियों की बात सुननी ही पड़ी। 14 मई की शाम मुख्य सचिव एस.के. दास की अध्यक्षता में उनके ही सभा कक्ष में एक बैठक बुलाई गई, जिसमें नदी बचाओ अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों के अतिरिक्त उत्तराखंड जल विद्युत निगम लि. के अध्यक्ष व प्रबंध [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 19 || 15 मई से 31 मई 2008:: वर्ष :: 31 :May 31, 2008 पर प्रकाशित
नदी आन्दोलन सम्बन्धी आलेख रोचक तथा सूचनाप्रद थे। मुझ जैसे व्यक्ति, जिसका सोमेश्वर स्थित पैतृक गाँव ऐन कोसी के तट पर बसा है, उसका हृदय कोसी की वर्तमान दशा देखकर विचलित हो जाता है। आज यह विश्वास ही नहीं होता कि 40 साल पूर्व तक मई-जून के महीनों में भी कोसी में इतना गहरा पानी [...]
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लेखक : केशव भट्ट :: अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2008:: वर्ष :: 31 :April 30, 2008 पर प्रकाशित
कड़कड़ाती ठंड के बाद अब गर्मी का आगाज हो गया है। इस बीच कई त्योहारों के फीके चले जाने के बावजूद भी सौंग में 19 अगस्त 2007 से डटे हुए आंदोलनकारियों के उत्साह में कोई कमी नहीं आ रही है। 17 मार्च 2008 को देहरादून में मुख्यमंत्री खंडूरी से हुई वार्ता में आन्दोलनकारियों के एक [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 15 || 15 मार्च से 31 मार्च 2008:: वर्ष :: 31 :March 31, 2008 पर प्रकाशित
सरयू लोकादेश, सौंग सरयू हमारी माँ का रूप है,माँ की तरह हमारा पालन-पोषण सदियों से करती आ रही है। इसलिए हम उत्तर भारत पावर कारपोरेशन प्रा.लि. के पास सरयू को गिरवी रख अपने पालन पोषण से वंचित नही होना चाहते हैं। क्योंकि यह विकास के नाम से हमारा विनाश है। सरयू का जल, जंगल व [...]
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लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 14 || 01 मार्च से 14 मार्च 2008:: वर्ष :: 31 :March 13, 2008 पर प्रकाशित
15 अक्टूबर का अंक न जाने कहाँ से घूम-फिर कर अब मिला है। उसमें गीतांजलि जोशी का लिखा ‘विज्ञान कहाँ है इन विज्ञान प्रदर्शनियों में ?’ पढ़ कर संबंधित शिक्षकों और व्यवस्थापकों के रवैये पर बहुत दुःख हुआ। विज्ञान को पहले तो यों ही जटिल बता दिया जाता है और जो बच्चे स्वतः प्रेरणा से [...]
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लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 14 || 01 मार्च से 14 मार्च 2008:: वर्ष :: 31 :March 13, 2008 पर प्रकाशित
सेवाग्राम में आयोजित तीसरे राष्ट्रीय नदी सम्मेलन के उद्घाटन में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए सुप्रसिद्ध विद्वान मुकुन्द घारे ने कहा कि हालाँकि बापू की पुण्यस्थली यह कहने के लिये उचित जगह नहीं है, लेकिन यह सच है कि आज यदि मेरी आयु पच्चीस वर्ष की होती तो मैं नक्सलवादी होता। देश की [...]
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लेखक : रमदा :: अंक: 12 || 01 फरवरी से 14 फरवरी 2008:: वर्ष :: 31 :February 14, 2008 पर प्रकाशित
रामनगर नदी बचाओ सम्मेलन उत्तराखंड आन्दोलन जन-आकांक्षाओं के विपरीत जा रहे विकास-आयोजन एवं नीतियों के प्रति लगभग पाँच दशकों के अनवरत मोहभंग का परिणाम था। वह विरोध में उठा आम आदमी का सिंहनाद था- नकार का सिंहनाद। नकार के उस सिंहनाद ने उत्तराखंड राज्य के मामले में सामाजिक, आर्थिक, पारिस्थितिकीय, सांस्कृतिक, राजनैतिक आदि-आदि तमाम आयामों [...]
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