नदियों पर संकट है सारे गाँव इकट्ठा हों
नदियों पर संकट है सारे गाँव इकट्ठा हों नदियों पर संकट है,सारे गाँव इकट्ठा हों, अब सदियों पर संकट है,सारे गाँव इकट्ठा हों। पानी डूबा फाइल में, गाड़ी में मोबाइल में, सारे वादे डूब गये, खून सने मिसाइल में। एक गाँव पर संकट है, सारे गाँव इकट्ठा हों। एक गाँव पर संकट है, सारे गाँव [...]
एक पदयात्री के नोट्स : नौजवान गायब है
एक पदयात्री के नोट्स यातायात के उत्तरोत्तर तीव्र हो रहे माध्यमों के कारण विविध जनों/ समुदायों के बीच निकट और गहन सम्पर्क और तदनुसार एक दूसरे की बेहतर समझ के मार्ग में बाधा आती है। लोगों के बीच से चुना गया विधायक, सांसद और सर्वोपरि मंत्री सायरन बजाती गाड़ियों के काफिले में तेजी से निकल [...]
नदियों के किनारे चल पड़ी हैं पदयात्रियों की टोलियाँ
उत्तराखंड की नदी-घाटियाँ 2008 की शुरूआत के साथ ही जन जागरण और जन आन्दोलनों के गीतों से गूँजने लगी हैं। नदी किनारे की बसासतों से होकर, जल, जंगल और जमीन पर आसन्न संकट के खिलाफ लोगों को सक्रिय होने का संदेश दे रही, लगभग 15 पदयात्राओं का सिलसिला जारी है। जन-आन्दोलनों के गीत, पदयात्रायें तथा [...]
है किसका अधिकार नदी पर
(धुन-नदी जमुना के तीर कदम चढ़ी) चलो नदी तट वार चलो रे चलो नदी तट पार चलो रे,करें यात्रा नदियों की नदी वार तट पार चलो रे,करें यात्रा नदियों की इन नदियों के अगल-बगल ही जीवन का विस्तार,चलो रे करें यात्रा नदियों की आज इन्हीं नदियों के ऊपर पड़ी है मारामार, चलो रे करें यात्रा [...]
पंचेश्वर बाँध के डूब क्षेत्र सरयू घाटी में जन जागरण अभियान
17 सितम्बर की शाम मैं, शंकर सिंह, लक्ष्मण और वरिष्ठ साथी डॉ. रमेश पंत पव्वाधार कार्यालय पहुँचे। हम सबने इरादा किया कि सरयू घाटी के गाँवों में बांध विरोध के लिये संदेश पहुँचाया जाये। इससे पूर्व ‘उत्तराखंड जन मैत्री संगठन’ का गठन कर पर्चे-पोस्टरों के माध्यम से अभियान की शुरूआत कर दी गयी थी। पंचेश्वर [...]
मेरि कोसि हरै गे कोसि
जोड़ – आम-बुबु सुणूँ छी गदगदानी ऊँ छी रामनङर पुजूँ छी कौशिकै की कूँ छी पिनाथ बै ऊँ छी मेरि कोसि हरै गे कोसि। कौशिकै की कूँ छी मेरि कोसि हरै गे कोसि।। क्या रोपै लगूँ छी मेरि कोसि हरै गे कोसि। क्या स्यारा छजूँ छी मेरि कोसि हरै गे कोसि।। घट-कुला रिङू छी मेरि [...]
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