एक गोष्ठी हिमालय पर
पर्वतीय राज्यों के लिए परियोजनाएँ क्षेत्र की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही बनें और इसके लिए एक विशेष समूह का गठन किया जाये। यह बात ‘सेंट्रल माउन्टेन डेवलपमेंट समिट 2011’ पर प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में सम्पन्न दो दिवसीय कार्यशाला में उभर कर आई। कार्यशाला का आयोजन ‘सेन्ट्रल हिमालयन इन्वायरनमेंट एसोसिएशन’ (चिया) तथा [...]
हिमालय के चरित्र के अनुरूप बनें योजनायें
अन्तर्राष्ट्रीय भूगोलवेत्ताओं के संघ के तत्वावधान में पर्वतों एवं सीमान्त क्षेत्रों में वैश्वीकरण के स्थानीय एवं क्षेत्रीय प्रभाव विषय पर 1 से 9 मई 2011 के बीच भूगोल विभाग डी.एस.बी. परिसर कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के प्रो. रघुवीर चन्द्र के संयोजकत्व में एक अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें विश्व के लगभग पन्द्रह देशों स्विटजरलैंड, [...]
‘मानवीय मुक्ति का औजार हैं शिक्षा एवं संस्कृति’
रचनात्मक शिक्षक मण्डल द्वारा 26-27 दिसम्बर 2010 को ‘शिक्षा एवं संस्कृति’ विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। मंडल प्रति वर्ष शिक्षा से जुड़े किसी आयाम पर यह आयोजन करता है। डालमिया धर्मशाला, श्रीनगर में आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रख्यात संस्कृतिकर्मी और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रणय [...]
बिखरे हुए आन्दोलनों को एकजुट करने के लिये जन संसद
देश पर छाये बहुआयामी संकट की चुनौतियों का सामना सभी जन आन्दोलन/संगठन/अभियान और चिन्ताशील नागरिक मिलकर करें, इसके लिए पिछले कई सालों से चल रही प्रक्रिया के इलाहाबाद के पहले प्रमुख पड़ाव के बाद अल्मोड़ा की बैठक दूसरा प्रमुख पड़ाव थी। इसका आयोजन उत्तराखण्ड लोक वाहिनी ने अल्मोड़ा के भगवती पैलेस में 7, 8, 9 [...]
गुजरात में देश भर की भाषाओं का संगम
‘भाषा रिसर्च एंड पब्लिकेशन सेंटर’ के तत्वावधान में दिनांक 8, 9 व 10 मार्च 2010 को बड़ौदा (गुजरात) में ‘भारत भाषा संगम’ सम्पन्न हुआ। देश के विभिन्न प्रांतों से लगभग 320 बोल भाषाओं के 600 प्रतिनिधि इस भाषा संगम में उपस्थित थे। सी.सी. मेहता सभागार, एम.एस. यूनिवर्सिटी कैम्पस, बड़ौदा में सात भाषाओं में स्तुति के [...]
चम्पावत और अल्मोड़ा में ‘पहाड़’
प्रस्तुति : राजेन्द्र गहतोड़ी ‘पहाड़’ के रजत जयन्ती समारोह कार्यक्रमों के क्रम में 26 व 27 अक्टूबर को चम्पावत में पहाड़ की माटी के अनेक रत्न जुटे। 26 अक्टूबर की शाम जवाहर नवोदय विद्यालय में वरिष्ठ पत्रकार गोविन्द पंत ‘राजू’ ने अंटार्कटिका के स्लाइड दिखाये। वे पृथ्वी के इस हिस्से में जाने वाले देश के [...]
साहसिक पर्यटन संस्थाओं पर केस कर बचना चाह रहा है प्रशासन
सितंबर के अंतिम सप्ताह में गंगोत्री-बद्रीनाथ के 19,000 फीट ऊँचे मार्ग में भारी बर्फवारी के कारण पाँच नेपाली भारवाहक और एक गुजराती यात्री मर गये थे। इस दुर्घटना की पूरी जाँच किये बिना ही भटवाड़ी के उपजिलाधिकारी ने तीन साहसिक पर्यटन कराने वाली संस्थाओं पर, उत्तरकाशी में धारा 405 अ (गैर इरादतन हत्या) के तहत [...]


























आपकी टिप्पणीयाँ