Browse: Home / uttarakhand
लेखक : भुवन बिष्ट :: अंक: 23 || 15 जुलाई से 31 जुलाई 2011:: वर्ष :: 34 :July 31, 2011 पर प्रकाशित
हरदा ठीक ही ठहरा शहर जाकर तुम भी बदल गये तुम्हारे बदलते ही बदल गया समयचक्र समय से पहले पकने लगे हैं काफल और हिसालू और फसल सूखने के बाद बरसता है आसमान कुछ होता भी है तो चले आते हैं जंगली जानवर कहीं खो गयाी है फूलदेई और घुघुती फलों में बौर लगते ही [...]
Posted in कविताऐं-छंद-शेर, विविध | Tagged global warming, jobless growth, migration, migration from uttarakhand, uttarakhand, पर्यावरण |
लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 17 || 15 अप्रेल से 30 अप्रेल 2011:: वर्ष :: 34 :May 11, 2011 पर प्रकाशित
सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी और लेखक-चिन्तक चमन लाल प्रद्योत का आत्मकथ्य ‘मेरा जीवन प्रवाह’ अपनी बेबाकी के कारण अपना एक अलग स्थान बनाता है। जिस बेलाग ढंग से उन्होंने अपने दाम्पत्य के बारे में लिखा है, वह साहस का काम है। लेकिन एक दलित व्यक्ति को समाज में किस तरह के संघर्षों से गुजर कर अपना [...]
Posted in विविध | Tagged book release, chaman lal pradyot, memoir, memoir book, mera jeevan pravah, uttarakhand |
लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 12 || 01 फरवरी से 14 फरवरी 2011:: वर्ष :: 34 :February 9, 2011 पर प्रकाशित
सलीम मलिक उत्तराखण्ड की प्रमुख क्षेत्रीय राजनैतिक पार्टी उत्तराखण्ड क्रांति दल जिस वक्त जगहँसाई का पात्र बन कर टूट की कगार पर था, उसी वक्त रामनगर की अग्रवाल सभा में एक और राजनैतिक दल ‘उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी’ राज्य की राजनीति की बिसात पर एक नई इबारत लिखने की जद्दोजहद में जुटा था। गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ [...]
Posted in विविध | Tagged election, meeting, ramnagar, ukd split, uttarakhan jobs, uttarakhand, uttarakhand parivartan party, राज्य प्राप्ति आन्दोलन |
लेखक : हरीश चन्द्र चंदोला :: अंक: 11 || 15 जनवरी से 31 जनवरी 2011:: वर्ष :: 34 :January 28, 2011 पर प्रकाशित
ऊँचाई के क्षेत्रों में फलों तथा सब्जियों का उत्पादन इस साल बहुत कम हो गया। इसका कारण बदलता हुआ पर्यावरण ही था। माल्टा, जो अब पेड़ों से दुकानों में आने लगा है, की पैदावार बहुत कम हो गई है। उसका आकार, रंग तथा छिलका भी पहले की अपेक्षा निम्न कोटि के हो गए हैं। फल [...]
Posted in विविध | Tagged agriculure, food grain, fruits, inflation, price rise, uttarakhan jobs, uttarakhand, vegetables |
लेखक : कौस्तुभानन्द पंत :: अंक: 11 || 15 जनवरी से 31 जनवरी 2011:: वर्ष :: 34 :January 28, 2011 पर प्रकाशित
पहाड़ों के पारम्परिक अनाज- भट (काले और सफेद), रैंस, गुरूंस, सिमि, गुरसुंटि, सुंट, ग्यूँ, धान, जौ, उजौ, कौंण, मादिर, मडु, चुव, ध्वाग या मक्का, राजमा आदि के सही विकास और सुधार के लिये विशेष शोध, परीक्षण तथा उन्नति पर ध्यान देने की आवश्यकता है। भट एक खास महत्व रखता है, क्योंकि यह शीत ऋतु का [...]
Posted in विविध | Tagged agriculture, flora and fauna, pulses, uttarakhand, uttrakhand fruits, vegetables |
लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 11 || 15 जनवरी से 31 जनवरी 2011:: वर्ष :: 34 :January 27, 2011 पर प्रकाशित
बिपिन उत्तराखंड के दस वर्ष बीत गये। राज्य की माँग के पीछे पहाड़ की अस्मिता को बचाने की सोच थी। प्राकृतिक संसाधनों का दोहन यहीं के समुचित विकास के लिए हो; जल, जंगल, जमीन पर स्थानीय जनता का हक कायम रहे। सरकारी नीतियाँ सरल हों। आम आदमी को राजकीय कार्यों में सहजता लगे। रोजगार के [...]
Posted in विविध | Tagged development, party politics, ten years of Uttarakhand, uttarakhan jobs, uttarakhand, भ्रष्टाचार |
लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 09 || 15 दिसंबर से 31 दिसंबर 2010:: वर्ष :: 34 :January 22, 2011 पर प्रकाशित
उत्तराखंड राज्य की स्थापना को दस साल हो गये हैं। विकास की नीति, भ्रष्टाचार, लूट-खसोट तथा कुशासन के मामले में यह देश के अन्य राज्यों से कतई अलग नहीं रहा है। जनता को बरगलाने के लिये विकास के जो आँकड़े दिये जाने की परम्परा है, उस पर यदि हम विश्वास कर भी लें तो छानबीन [...]
Posted in सम्पादकीय | Tagged development, future of uttarakhand, uttarakhand, uttarakhand state movement, सम्पादकीय |
लेखक : राजीव लोचन साह :: अंक: 09 || 15 दिसंबर से 31 दिसंबर 2010:: वर्ष :: 34 :January 22, 2011 पर प्रकाशित
मुख्यधारा के अखबारों में प्रायः घटनायें एक सामान्य ब्यौरे के रूप में होती हैं। उनका विश्लेषण प्रायः नहीं होता। कुछ घटनाओं में उसे सचमुच चटखारे लेने का मौका मिल जाता है, जैसे देहरादून में कार्यरत इंजीनियर राजेश गुलाटी द्वारा अपनी पत्नी अनुपमा की हत्या कर उसके शव को डीप फ्रीजर में रखकर धीरे-धीरे शव के [...]
Posted in विविध | Tagged employment, garhwali language, kumaoni, language, uttarakhan jobs, uttarakhand, uttarakhand state movement |
लेखक : नैनीताल समाचार :: अंक: 08 || 01 दिसंबर से 14 दिसंबर 2010:: वर्ष :: 34 :January 20, 2011 पर प्रकाशित
पंकज शर्मा लैंसडाउन किसी परिचय का मोहताज नहीं है। प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण यह नगर आज पर्यटकों की आवाजाही का केन्द्र बनता जा रहा है। उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2003 में इसे पर्यटन सर्किट के तहत विकसित करने की भारी भरकम घोषणा की थी जो अब तक वास्तविक धरातल पर नाममात्र के लिये [...]
Posted in विविध | Tagged builders lobby, landsdown, natural beauty, tourist destination, tourist places, uttarakhand |
लेखक : प्रयाग जोशी :: अंक: 08 || 01 दिसंबर से 14 दिसंबर 2010:: वर्ष :: 34 :January 20, 2011 पर प्रकाशित
उत्तराखण्ड के पर्वतीय भूगोल में खेती व पशुपालन के विकास, मकानों व मंदिरों का निर्माण, धुनने, कातने, बुनने, खेती व वाद्ययंत्रों के निर्माण, आभूषण बनाने, धातुओं को शोधने, मिट्टी व लकड़ी के बर्तन बनाने, कागज, रंग-रोगन व श्याहियों के निर्माण, चमड़े व औषधियों के परिष्करण सहित उनके उत्पादों के रख-रखाव आदि को लेकर मानवीय जीवन [...]
Posted in विविध | Tagged book release, book review, d.d.sharma, uttarakhand, uttarakhand art, uttarakhand folk culture |
पृष्ठ 1 कुल 3 पृष्ठों में..पृष्ठ : 123»
आपकी टिप्पणीयाँ