अब मिल पायेगा पीने के लिये पानी
जनपद चमोली के जिला मुख्यालय में पेयजल संकट दूर करने के लिये गोपेश्वर पेयजल पुनर्गठन योजना हेतु शासन तीन करोड़ रुपये अवमुक्त करने पर सहमत हो गया है। 46 साल पुरानी पेयजल योजना का पुनर्गठन न होने के कारण विगत कई वर्षों से मुख्यालय में पानी का हाहाकर मचा हुआ है। बीते चार-पाँच वर्षों से [...]
स्वस्ती श्री
मेरी दुकान,मकान लूट लिया गया और पुलिस ने कुछ नहीं किया मैं आपके निष्पक्ष पत्र की ख्याति सुनकर अपनी व्यथा लिख भेज रहा हूँ। आशा है मुझे न्याय दिलवाने की कृपा करेंगे। मैं ग्राम छुलापे बर्दाखान, तहसील लोहाघाट, जिला चम्पावत का स्थायी निवासी हूँ। बर्दाखान में मेरे दादा स्व. टीकाराम पंत के समय से दुकान [...]
खबरदार! ठुलीगाड़ का पानी मत पीना
ठहरिये! कहीं आप ठुलीगाड़ पेयजल योजना का पानी तो नहीं पी रहे हैं। अगर पी रहे हैं तो आप पीलिया से ग्रस्त भी हो सकते हैं। जून से लेकर 6 जुलाई तक जिला अस्पताल में आने वाले रोगियों की आमद अचानक बढ़ गयी है। इन रोगियों में 90 प्रतिशत पीलिया के हैं। जिला चिकित्सालय के [...]
कॉर्बेट पार्क में एक अभिनव प्रयोग
केन्द्र सरकार कार्बेट नेशनल पार्क में अवैध शिकार की रोकथाम के लिए वन गुज्जरों की मदद लेने पर विचार कर रही है। केन्द्रीय पर्यावरण व वन राज्य मंत्री जयराम रमेश ने इस अभयारण्य के दौरे के समय ऐसे 200 परिवारों से बातचीत भी की है। मंत्री का मानना है कि जंगलों की रक्षा स्थानीय लोग [...]
आज को बसन्त सूचना व लोक सम्पर्क विभाग का घर
क्या आपने सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग की वर्ष 2009 की निदर्शिनी देखी ? शायद नहीं देखी होगी। आप सामान्य व्यक्ति हैं और यह निदर्शिनी ‘खास’ लोगों को ही मिलती है, कुछ ही भाग्यशालियों को। अब इस लूट-खसोट प्रदेश में ‘खास’ होने के लिये क्या करतब करने पड़ते हैं, वह सब तो आप जानते भी [...]
नैनीताल से सटे गांवों में भी पड़ी है सूखे की मार
पहाड़ में चारों ओर सूखे का आलम है। हम कस्बों, शहरों में रहने वाले ही इस मौसम की बेरुखी से हैरान-परेशान हैं तो भला गाँव के क्या हाल होंगे ? हमने जायजा लिया विकसित नैनीताल के आसपास, नैनीताल-रातीघाट पैदल मार्ग में फैले कुछ गाँवों का। नैनीताल के पहाड़ों को पार कर हमें बिल्कुल एक नई [...]
अनशन खत्म, अब जायेंगे देहरादून
उत्तराखंड राज्य की स्थाई राजधानी बनाने के लिए गोपेश्वर में अक्टूबर 21 से आरंभ की गई भूख हडताल, 37 दिन बाद, नवंबर 27 को समाप्त कर दी गई. इस अंतिम दिन गोपेश्वर देहरादूऩ, रामनगर, अल्मोड़ा, श्रीनगर, जोशीमठ, इत्यादि जगहों से पक्की राजधानी के समर्थक लोग, यह तय करने कि उसको आगे बढ़ाने के लिये कहाँ-कहाँ [...]
सात सालों बाद भी दिशाहीन है यह राज्य
उत्तराखंड राज्य बनने पर उसकी जो मुख्य आवश्यकताएँ थीं, उनमें से कुछ की पूर्ति नहीं हुई। राज्य की क्या उपलब्धियाँ रहीं उस पर नेताओं-प्रशासकों ने इसकी सातवीं वर्षगाँठ को अवसर पर बहुत कुछ बोला है, लेकिन राज्य को जीवन में कुछ बदलाव आया भी कि नहीं, इस पर न बहस हुई और न ही राज्य [...]
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